14 रोडवेज बसें चुनाव में जाने के बावजूद सहालग में रोडवेज की आमदनी में बढ़ोत्तरी है। इस समय डिपो के पास 66 बसें ही हैं। रोडवेज को हर दिन आठ लाख से ऊपर की कमाई हो रही है। इधर, पहले 6500 के आसपास यात्री आया करते थे, सहालग के समय उनकी संख्या बढ़कर आठ हजार तक पहुंच गई है।
23 नवंबर को 14 बसें ड्यूटी पर चली गईं, लेकिन रोडवेज को सहालग होने का भरपूर फायदा मिल रहा है। अक्तूबर माह में रोडवेज को औसतन एक दिन में सात लाख के करीब आमदनी होती थी। मगर, 19 दिसंबर से हर दिन की कमाई सात लाख से ऊपर पहुंच गई। इसके साथ ही सभी रूटों की बसें यात्रियों से खचाखच भरकर जा रही हैं। कई जगह फेरे बढ़वाए गए हैं। इधर, सहालग के समय रोडवेज में एक हजार अतिरिक्त यात्री आने लगे हैं। राजस्व विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो रोडवेज को 19 नवंबर को आठ लाख, 20 नवंबर को आठ लाख, 22 नवंबर को नौ लाख की कमाई हुई। इसी तरह से अन्य दिनों में भी साढ़े सात लाख से ऊपर की कमाई हो रही। सर्वाधिक 26 नवंबर को साढ़े 10 लाख की कमाई हुई है।
सहायक संचालक आरएन दुबे ने बताया कि रोडवेज की 14 बसों के चुनाव ड्यूटी पर जाने के बाद भी 66 बसों से ही रोडवेज को अच्छी कमाई हो रही। पिछले वर्ष सहालग में रोडवेज को एक दिन में आठ लाख से ज्यादा की कमाई नहीं हुई थी, जबकि उस समय 80 बसें मौजूद थी। इस समय हर रूट की बसों की 52 सीटें यात्रियों से फुल होकर जा रही हैं।
सहालग के समय रोडवेज की आमदनी अच्छी हो रही है, हर दिन आठ लाख से ऊपर की कमाई हो रही है। आगे भी कमाई के इसी तरह बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। - हरिश्चंद्र वर्मा, एआरएम