औरैया। झमाझम बारिश ने एक बार फिर सरकारी इंतजामों की पोल खोल दी। सुबह से शुरू हुई बारिश से चोक नाले और नालियां उफना गईं। इससे प्रमुख सड़कों और गलियों में पानी भर गया।
कई घरों में भी गंदा पानी घुस गया। इससे घरों व दुकानों का सामान खराब हो गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार 24 घंटे में 5.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। रक्षाबंधन के बाद से लोग तन झुलसाने वाली धूप और उमस से परेशान थे। कई दिन से बारिश न होने से किसान भी मायूस हो गए थे।
वहीं, गुरुवार की सुबह अच्छी बारिश हुई। इससे भीखमपुर, नरायनपुर, आर्यनगर, तिलकनगर, ब्र्हमनगर, बदनपुर, बनारसीदास, पढ़ीन दरवाजा, गोविंदनगर समेत कई इलाकों की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया।
इसके अलावा ओमनगर, ब्रह्मनगर का दक्षिणी भाग, दयालपुर, सुरान रोड, सदर बाजार, होमगंज, बहन टोला, आवास विकास कॉलोनी और गुमटी आदि मोहल्लों में नालियां चोक होने से गलियां भर गईं। ओमनगर में हाईवे छोर की लगभग सभी गलियों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया। इससे कई मकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। हालांकि दिन में 10 बजे के बाद बंद हुई बारिश से कुछ गलियों का पानी धीरे-धीरे निकल गया।
उधर, दिबियापुर व कंचौसी में स्थिति खराब रही। अजीतमल, मुरादगंज, ककोर, सहायल, लहरापुर, सहार, असेनी, अछल्दा, बेला, बिधूना, रुरुगंज, एरवाकटरा में जलभराव रहा। कंचौसी में तो कई घरों में पानी घुस गया। लोग गृहस्थी समेटते नजर आए। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट के अनुसार 24 घंटे में 5.8 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। अभी और बारिश होने के आसार हैं। धान की फसल के लिए यह अनुकूल है।
गर्मी से मिली राहत, तीन डिग्री गिरा पारा
बिधूना। पिछले एक सप्ताह से तेज धूप और उमस से बेहाल लोगों को गुरुवार सुबह हुई बारिश से राहत मिली। सुबह छह बजे से करीब 11 बजे तक क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई। यह 35 से 32 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री तक दर्ज किया गया।
बारिश का असर स्थानीय अस्पतालों में भी दिखाई दिया। पिछले दिनों जहां सुबह 11 बजे तक मरीजों की भीड़ जुटी रहती थी। वहीं, गुरुवार को मरीजों की संख्या में कमी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि रुक-रुककर बारिश होती रहे तो गर्मी से राहत मिलेगी और बीमारियों में भी कमी आएगी। (संवाद)