औरैया। जिले में जल जीवन मिशन के नाम पर कई सड़कें खोद दी गईं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा। कहीं महीनों से गड्ढे खुले पड़े हैं, कहीं पानी भरकर दलदल बन चुका है तो कहीं आधी-अधूरी मरम्मत कर लीपापोती कर दी गई।
नतीजा यह रहा कि हादसे, जाम, गंदगी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। हाल ही में महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोककर इस तरह के मुद्दे उठाने के बाद अफसरों में हलचल जरूर मची, पर असर सिर्फ औपचारिक दिखाई दे रहा है। जिले के अधिकांश हिस्सों में भी सड़कें बदहाल हैं।
जल निगम और ठेकेदारों ने पाइप लाइन डालते वक्त सड़कों को खोद दिया, पर उन्हें ठीक करना जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों और शहरी मोहल्लों में लोग गिरते-पड़ते निकलने को मजबूर हैं। बरसात में गड्ढों में भरा पानी हादसों को न्योता दे रहा है।
केस-1
चार माह पहले खोदी गई थी सड़क
उमरी गांव भाग्यनगर ब्लॉक में मुख्य रोड पर लगभग चार माह पहले सड़क खोदी गई थी। आज भी गड्ढे जस के तस हैं, इनमें पानी भरा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कनेक्शन तो है, पर पानी नहीं। यह गांव केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के पैतृक मजरे भटपुरा से जुड़ा है।
केस-2
विद्यालय के सामने टूटी पटिया से रोज हादसे
तिरकों बिधूना ब्लॉक के बेला में परसेपुरवा मोड़ पर टोंटी का पॉइंट छोड़ दिया गया, पर टोंटी नहीं लगी। गाड़ियों से पाइप टूट गया और बड़ा गड्ढा बन गया। गैली के मजरा तिरकों में प्राथमिक विद्यालय के सामने टूटी पट्टियां से रोज हादसे हो रहे हैं।
केस-3
खोद दी सड़क, न नाली बनाई, न सड़क
आंबेडकर नगर, अजीतमल में पाइप लाइन बिछाने के लिए नाली व सड़क की खुदाई की गई। पाइप लाइन बिछ गई, इसके बाद यहां किसी ने मुड़कर नहीं देखा। न तो नाली बनी, न सड़क। मोहल्लेवाले यहां से निकलने में परेशान होते हैं। कई बार शिकायत की जा चुकी, पर कोई असर नहीं हुआ।
केस-4
पुलिया जाम, कोई सुनने वाला नहीं
गांधी नगर, अजीतमल मेला ग्राउंड की ट्यूबवेल की लाइन पुलिया के नीचे से निकाल दी गई, इससे पुलिया जाम हो गई। सारा कचरा वहीं जमा हो रहा है। लोग परेशान हैं, पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं।
केस-5
80 प्रतिशत घरों में कनेक्शन नहीं
बनारपुर पंचायत फफूंद के गांव गुजरीपुर में 80 प्रतिशत घरों में अब तक कनेक्शन नहीं हैं। कई जगह टोटियां नहीं लगीं। प्रधान नरेंद्र मोहन राजपूत का कहना है छह महीने से शिकायत कर रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही।
जल जीवन मिशन डेढ़ साल पहले पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। सड़कों की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, पर बजट नहीं मिला। इस कारण सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई। बजट आते ही काम कराया जाएगा।
- पवन कुमार, एई, जल निगम
फोटो-10-फफूंद की बनारपुर पंचायत के गांव गुजरीपुर में नहीं लगीं टोंटी। संवाद
फोटो-10-फफूंद की बनारपुर पंचायत के गांव गुजरीपुर में नहीं लगीं टोंटी। संवाद
फोटो-10-फफूंद की बनारपुर पंचायत के गांव गुजरीपुर में नहीं लगीं टोंटी। संवाद
फोटो-10-फफूंद की बनारपुर पंचायत के गांव गुजरीपुर में नहीं लगीं टोंटी। संवाद