औरैया। शिकायत निस्तारण व जनसुनवाई के मामलों में लापरवाही को लेकर शासन का रुख सख्त है। इसकी बानगी डीएम स्तर से हुई कार्रवाई में देखने को मिल रही है। आईजीआरएस समेत जनता दर्शन व अन्य मामलों के लंबित प्रकरणों को लेकर बिधूना के राजस्व निरीक्षक स्वदेश श्रीवास्तव को डीएम बृजेश कुमार ने निलंबित कर दिया है।
शासन स्तर से जनशिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर है। सरकारी मशीनरी में इसे लेकर दिनों की गाइडलाइन भी तय है। जिला व तहसील स्तर पर निस्तारण कार्रवाई की समय-समय पर समीक्षा भी की जाती है। इस समीक्षा में ही बिधूना के राजस्व निरीक्षक स्वदेश श्रीवास्तव का मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। जारी निलंबन के आदेश में तहसील की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में लापरवाही का बारी-बारी जिक्र रहा।
इसमें आईजीआरएस के तहत सात दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा में राजस्व निरीक्षक के क्षेत्र में जनता दर्शन से संबंधित 62 मामले लेखपाल स्तर से जांच आख्या प्राप्त होने और परीक्षण के बाद निस्तारण के लिए लंबित मिले। शासन स्तर से जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रकरण लंबित पाए गए। राजस्व वादों की समीक्षा में धारा-116 की 28 पत्रावलियां व धारा-24 के तहत मेड़़बंदी से संबंधित 16 पत्रावलियां लंबित मिलीं।
इससे आरसीसीएमएस डैशबोर्ड पर तहसील और जिले की रैंकिंग प्रभावित होने की बात सामने आई है। इसके अलावा शासन की प्राथमिकता वाले जायद 1433 फसली खसरा फीडिंग कार्य में भी उनके क्षेत्र के 3022 गाटों की फीडिंग लंबित पाई गई। आदेश में इसे पर्यवेक्षण, कार्यकुशलता और प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता मानी गई। तहसील की जांच रिपोर्ट के आधार पर राजस्व स्वदेश श्रीवास्तव पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
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वर्जन-
जनशिकायतों और विभागीय कार्यों में शिथिलता को लेकर राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील औरैया के रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। एसडीएम को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में आरोप पत्र जारी कराने व जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।-बृजेश कुमार, डीएम औरैया