औरैया। लोगों की शिकायतों के निस्तारण में लिया जाने वाला संतुष्टि का फीडबैक अब अफसरों की टेंशन बढ़ाने जा रहा है। गुरुवार को डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की ओर से सभी विभागों के अध्यक्षों के साथ की गई जूम मीटिंग में यह मामला सामने आया। इसमें डीएम ने सभी विभागों के असंतुष्टि प्रकरणों को आख्या समेत तलब किया है। आख्या मिलने के बाद कर्मचारी से लेकर अफसरों को स्पष्टीकरण तलब होंगे। जवाबदेही तय होने से अब विभागों में खलबली मच गई है।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में जूम मीटिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान प्राप्त असंतुष्ट पूर्ण प्रकरणों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित किए गए संदर्भों के संबंध में असंतुष्ट पूर्ण निस्तारण की जानकारी प्राप्त करते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि वह असंतुष्ट पूर्ण प्रकरण की कारण सहित आख्या उपलब्ध कराएं। जिससे जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने संतुष्ट पूर्ण प्रतिशत कम पाए जाने वाले विभागीय अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी असंतुष्ट पूर्ण प्रकरणों की स्वयं समीक्षा करें।
अधीनस्थों की जिम्मेदारी निर्धारित कर निस्तारण की कार्यवाही अमल में लाई जाए। अनियमितता पाई जाने पर संबंधित को दंडित भी किया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग के असंतुष्टपूर्ण प्रकरणों की जानकारी की। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि प्रकरण में मीटर रीडर की मनमानी के कारण प्रकरण असंतुष्ट पूर्ण हो रहे हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित मीटर रीडर के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह से अन्य विभागों के अफसरों के असंतुष्टि मामले सामने आए। वहीं जूम मीटिंग में उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को रोजाना जुड़ने के निर्देश दिए।