औरैया। लंबे इंतजार के बाद औरैया-जालौन जनपद की सीमा को जोड़ने वाले शेरगढ़ घाट के यमुना नदी पुल की मरम्मत शुरू हो गई। गुरुवार को पहले दिन कार्यदायी संस्था ने पुल के सात नंबर पिलर की खराब बेयरिंग निकाली।
बेयरिंग निकालते समय कुछ देर तक यमुना पुल पर पैदल आवाजाही पर रोकी गई, हालांकि इसके बाद में फिर से लोग निकलने लगे। जालौन व औरैया के बीच आवागमन करने वालों ने डेढ़ किमी पैदल चलकर दूसरी छोर पर वाहन पकड़े।
इसमें महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग व सामान ले जाने वाले भी शामिल रहे। उधर, गुरुवार को यमुना पुल की मरम्मत के लिए कार्यदायी संस्था के कर्मचारी सुबह ही पहुंच गए थे।
यमुना नदी के पुल पर पिलर नंबर सात पर मोटे-मोटे रस्सों की मदद से पहले मचान बनाया गया। इसके बाद में कर्मचारी पुल की बेयरिंग निकालने के लिए पिलर के ऊपरी हिस्से पर पहुंचे, इस दरम्यान सात नंबर पिलर से बेयरिंग निकाली गई, उस समय पुल पर पैदल आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। वहीं बेयरिंग निकाले जाने के बाद राहगीर फिर से पुल पर आवागमन करने लगे।
औरैया के छोर पर यातायात पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर पूरे दिन निगरानी रखी। सिर्फ मरम्मत के काम में लगे वाहन ही आ-जा सके। औरैया व जालौन के बीच सफर करने वाले लोगों ने दोनों छोर लगे अवरोधकों के बीच डेढ़ किमी का रास्ता पैदल तय किया।
कोई बच्चों को कंधे पर बैठाकर चला, किसी ने सिर पर लादा सामान
औरैया। यमुना पुल पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है। ऐसे में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से वाहनों का आवागमन चल रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से 80 किमी. का चक्कर काटने के बजाय लोग यमुना पर डेढ़ किमी. पैदल चल कर दूसरी तरफ गए।
उधर, यहां दोनों छोर पर ऑटो व ई-रिक्शा यात्रियों के इंतजार में पहले से खड़े रहे। इस दौरान डेढ़ किमी. का सफर लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा।
यहां लोग छोटे बच्चों को अपने कंधे पर बैठाकर जाते दिखे। वहीं कुछ लोग सिर पर अपना सामान ले जाते दिखे। वहीं, कई बच्चे व महिलाएं भी पैदल निकलते दिखीं।