सहार। सिंचाई के लिए परेशान किसानों की मांग को लेकर भाकियू (टिकैत) ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसे लेकर अब सिंचाई विभाग को माइनर की सफाई के निर्देश दिए गए। उधर, किसानों ने बुधवार से शुरू हुई सफाई से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
ग्राम पंचायत असु व सिंहपुरवा माना क्षेत्र में माइनर लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी है। इस माइनर की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर किसान यूनियन ने ब्लॉक कार्यालय पर 22 दिसंबर को अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया था।
इसकी सूचना पर एसडीएम गरिमा सोनकिया, सीओ पी पुनीत मिश्रा तथा बीडीओ राज नारायण पांडेय देर रात धरना स्थल पर पहुंचे थे। अफसरों ने यूनियन जिलाध्यक्ष विपिन राजपूत से वार्ता की। उन्होंने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान का आश्वासन देने के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया गया था।
इसके बाद प्रशासन की पहल पर बुधवार को माइनर की सफाई का कार्य प्रारंभ किया गया है। किसानों ने बताया कि प्रशासन को तब माइनर सफाई की याद आई, जब उनकी फसल की पहली सिंचाई का समय बीत गया है।
खेत में सिल्ट डालने का विरोध किया, रोका काम
सहार। माइनर सफाई का कार्य शुरू होते ही आसपास के किसानों ने सिल्ट डालने को लेकर विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि माइनर की सफाई से निकलने वाला सिल्ट सीधे उनके खेतों में डाला जा रहा है।
इससे उनकी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि यदि यह सफाई कार्य बोआई से पहले कराया गया होता तो फसल बर्बाद होने की स्थिति नहीं आती। मामले की जानकारी मिलते ही सहायल थाना प्रभारी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की।
किसानों की समस्या सुनने के बाद थाना प्रभारी ने ग्राम प्रधान संजीव कुमार राजपूत एवं सचिव विपिन कुमार से वार्ता की। आपसी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि माइनर की सफाई से निकलने वाली सिल्ट किसानों के खेतों में न डालकर माइनर के किनारे ही सुरक्षित रूप से रखा जाएगा। निर्णय के बाद किसानों का विरोध शांत हुए और माइनर की सफाई का कार्य दोबारा शुरू कराया गया।(संवाद)
फोटो-16-माइनर की सफाई करती जेसीबी।संवाद- फोटो : 1