औरैया। फफूंद में चार दिन से एक घर के कमरे में कैद बंदर को पकड़ने की सूचना को वन विभाग ने अनसुना कर दिया है। वहीं, नगर पंचायत ने भी मथुरा से अब तक टीम नहीं बुलाई है।
ऐसे में बुधवार को भी बंदर घर में ही बंद रहा। बाहर निकलने की कोशिश में बंदर चीख रहा है, इससे क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। बंदर कई लोगों को काट चुका है।
कस्बा फफूंद में कुछ दिन पहले एक बंदर ने आक्रामक होकर लोगों पर हमला शुरू कर दिया था। शनिवार को उसने सात लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। रविवार को किसी तरह युवाओं ने बंदर को कस्बा निवासी मनोज दुबे के घर के एक कमरे में बंद कर दिया था। इसके बाद वन विभाग और नगर पंचायत को सूचना दी गई थी।
पहले तो नगर पंचायत और वन विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। बाद में एसडीएम सदर अजय आनंद के हस्तक्षेप पर वन विभाग की टीम ने बुधवार को बंदर पकड़वाकर वन क्षेत्र में छोड़े जाने का आश्वासन दिया था। लोगों का कहना है कि टीम के कर्मचारियों ने बंदर पकड़ने के लिए ट्रेनिंग और जाल न होने की बात भी कही थी।
वहीं नगर पंचायत ने भी बुधवार को भी मथुरा से टीम आने की बात कही थी, लेकिन बुधवार को भी बंदर को इस कैद से रिहाई नहीं मिल सकी। बंदर के घर में कैद होने से मनोज दुबे और उनका परिवार भी परेशान हैं। बंदर रात में बुरी तरह चीखता है, इससे वह लोग सो भी नहीं पा रहे हैं। उसे खाने-पीने के लिए भी दे रहे हैं, लेकिन इन सब के बाद भी उन्हें यह भी डर सता रहा है कि बंदर के साथ कोई अनहोनी न हो जाए।
नगर पंचायत अध्यक्ष बोले आज आएगी टीम
मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद अनवर ने बताया कि बुधवार को मथुरा से टीम नहीं आ सकी। बृहस्पतिवार को हर हाल में टीम पहुंच जाएगी। इसके बाद बंदर को जंगल में छुड़वाया जाएगा।