तीसरे चरण के चुनाव से पहले ही पुलिस ने चुनाव में गड़बड़ी फैलाने वालों पर सख्ती शुरू की। सभी संदिग्धों को पहले ही लाल कार्ड थमा दिए गए। लगभग दो दर्जन संदिग्ध शनिवार सुबह से ही थाने में आकर बैठ गए। हालांकि कई लाल कार्ड धारी संदिग्धों के थाने में न पहुंचने से यहां बैठे लोगों ने आपत्ति जताई।
17 अक्टूबर को तीसरे चरण का मतदान होना था। इसके लिए पुलिस ने पहले से ही तैयारियां कर रखीं थीं। सभी संदिग्धों को लाल कार्ड थमा दिए गए थे। इन कार्डों में ताकीद किया गया था कि 10 बजे तक थाने में उपस्थित न होने पर 10 लाख रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। इसलिए शनिवार की सुबह से ही लगभग दो दर्जन लाल कार्ड धारी ग्रामीण थाने में पहुंच गए। यहां पूरे दिन सभी बैठे रहे।
थाने में मौजूद लोगों के अनुसार दिबियापुर थानाक्षेत्र के चुनाव संबंधित गांवों में कई लोगों को लाल कार्ड बांटे गए। लेकिन कई कार्ड धारक थाने नहीं आए। दिबियापुर थानाक्षेत्र कीचार ग्राम पंचायतों के 10 मजरों के 23 बूथों पर शनिवार को मतदान हुआ। थाने में मौजूद लोगों ने मांग की कि चुनाव में गड़बड़ी फैलाने वाले संदिग्धों के लिए कोई न कोई नीति निर्धारित होनी चाहिए। कानून को मामने वाले लोग पूरे दिन थाने में बैठे रहे। जबकि कई लालकार्ड धारी थाने में पहुंचे भी नहीं। आज थाने में बैठे लोगों में औंतो के दो बीडीसी प्रत्याशी जयप्रकाश, असरफ भी शामिल रहे। जबकि औंतों के प्रधान एवं हरचंदपुर के पूर्व प्रधान भी थाने में बैठे रहे।