औरैया। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के कृषि ऋण बकाएदारों के खिलाफ बैंक ने कार्रवाई तेज कर दी है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच स्वीकृत किए गए लगभग पांच करोड़ 47 लाख रुपये के कृषि संबंधी लोन में कुल 147 बकाएदार पूरी तरह से डिफाल्टर हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से लगातार नोटिस जारी करने के बावजूद किसी भी डिफाल्टर ने किसी भी प्रकार राशि जमा कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
शाखा प्रबंधक विख्यात दीक्षित ने बताया कि सितंबर माह में कोर्ट द्वारा जारी आदेश के तहत अब बैंक को सख्त कदम उठाने का अधिकार मिल गया है। आदेश के अनुसार यदि कोई लोनधारक लंबे समय तक किस्त जमा नहीं करता है, तो बैंक उससे मूल बकाया से दोगुने से भी अधिक धनराशि की वसूली कर सकता है।
लगातार अनदेखी के बाद अब बैंक प्रशासन डिफाल्टरों की संपत्तियों और कृषि खातों पर विधिक प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ प्रबंधक ने बकाएदारों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी किस्तें जमा कर दें, अन्यथा उन्हें दोगुनी से अधिक राशि और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा।