मानसून के दस्तक देने के साथ ही झमाझम बारिश होगी। बरसात से उत्पन्न जलभराव के हालात से निपटने के लिए पालिका प्रशासन की ओर से कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी से जूझना पड़ेगा। यही हाल रहा तो बारिश के मौसम में कई मोहल्ले में जलभराव हो जाएगा।
ऐसी स्थिति में लोगों का घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। अगर समय रहते पालिका प्रशासन चेत जाए तो शहरवासियों को बरसात के मौसम में जलभराव की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है।
नगर पालिका परिषद की ओर से शहर में सड़कों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन शहरवासियों को अभी भी जलभराव की स्थिति से छुटकारा नहीं मिल सका है। बरसात के मौसम में पालिका प्रशासन की पोल हर बार की तरह खुलती नजर आती है।
शहर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बरसात के मौसम में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शहर के कई मोहल्ले में सड़कें न बनी होने से बरसात का पानी उनके घरों तक भर जाता है।
शहर के आर्यनगर, मोहल्ला सत्तेश्वर, मोहल्ला बनारसीदास, नारायनपुर मोहल्ले समेत बहुत जगह सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। इसका खामियाजा मोहल्लेवासियों को बरसात के मौसम में झेलना पड़ता है। अगर पालिका प्रशासन अभी भी चेत जाते तो बरसात के मौसम में उपजने वाली समस्या से शहरवासियों को छुटकारा मिल सकता है।
सभी नालों की सफाई करवा दी गई है, जिससे बरसात के मौसम में शहरवासियों को परेशानी न हो। अगर किसी फिर भी कोई समस्या है तो संबंधित व्यक्ति उन्हें जानकारी दे। समस्या का हल कराया जाएगा।- नरेंद्र कौर अध्यक्ष, नगर पालिका