बारिश, ओले व तेज हवाआें से खेत में बिछी गेहूं की फसल।
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गुरुवार की रात बरसात व ओलों के गिरने से फसलों में भारी नुकसान की आशंका से किसान बेचैन हैं। सब्जी की फसलों में तगड़ा नुकसान हुआ है। महंगाई व नोटबंदी से किसान पहले से ही परेशान थे। गुरुवार की रात बरसात व ओलों से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार की रात 14.6 एमएम बारिश हुई। यह पानी चना की फसल को छोड़कर सभी फसलों के लिए हानिकारक है। बारिश से गेहूं की फसल में तबाही हुई है। सरसों की फसल में भी खासा नुकसान हुआ। ओलों व तेज बारिश से गेहूं व सरसों की फसलें खेतों में ही बिछ गईं।
बारिश से शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हवाओं की गति नौ से 10 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से रही। हवाओं की गति शुक्रवार की सुबह बदलने से बारिश नहीं हई। पानी बरसा तो बाकी फसल को भी बचाना मुश्किल होगा। शुक्रवार को पूरे दिन बादलों और सूरज के बीच आंख मिचौली होती रही।
झर गए चना, सरसों व अरहर के फूल
सरसों, चना व अरहर में फूल आ रहे हैं। ओेले से इन फ सलों के फू ल झड़ गए। आलू की फसल पर भी ओलों व बारिश का प्रभाव दिखाई पड़ा। सब्जी की फ सलों में भी जबरदस्त नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस बार फ सल अच्छी थी। लहलहाते खेत देखकर लग रहा था कि पैदावार अच्छी होगी। कुदरत ने कहर ढहा दिया।
आलू हो जाएगा दागी
आलू की फसल में पानी भर गया है। इससे झुलसा रोग की आशंका बढ़ गई है। ओले से आलू में दाग पड़ने से गला लग सकता है।
बारिश थमने की संभावना
सीएसए के मौसम विशेषज्ञ संदीप ने बताया कि मौसम साफ होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। हवाओं की गति भी थमने के आसार हैं। बारिश से गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमानों में गिरावट देखने को मिली।