औरैया/बिधूना। बृहस्पतिवार रात मौसम ने करवट बदली तो गर्मी से राहत मिल गई। रात में बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवा के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही।
इससे पककर तैयार सरसों की फसल पर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि शनिवार से मौसम फिर साफ होने की संभावना है।
बढ़ते हुए तापमान ने मार्च में लोगों के पसीने छुड़ा दिए। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसी बीच बृहस्पतिवार रात को बादल छाए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिले भर में रात के बाद शुक्रवार को सुबह भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। शहर के अलावा बेला, बिधूना, दिबियापुर समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान शुक्रवार को 25 डिग्री रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
शहरों तक तो बदला मौसम राहत लेकर आया, लेकिन किसानों के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है। खेतों में तैयार खड़ी सरसों की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में बारिश से नुकसान होने की आशंका है।
तेज हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल भी गिर गई। शुक्रवार को दिन भर किसान सरसों की कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे रहे। दूसरी तरफ दिन में भी घने बादल छाए रहे और हवा के साथ बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि शनिवार से मौसम साफ होने की संभावना है।
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बोले किसान, फसल गिरने का खतरा
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उत्पादन पर होगा असर
गेहूं की फसल इस समय लगभग पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को होगा। तेज हवा और बारिश के कारण फसल गिरने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।
-सुदीप सिंह, फैजुल्लापुर
आर्थिक नुकसान होगा
खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल बारिश से खराब हो सकती है, जबकि खड़ी गेहूं की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। अगर इस समय बारिश होती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
-कुंवरपाल, पसुआ
फोटो-19-बिधूना क्षेत्र में खेत में कटी पड़ी सरसों की फसल। संवाद- फोटो : संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम।
फोटो-19-बिधूना क्षेत्र में खेत में कटी पड़ी सरसों की फसल। संवाद- फोटो : संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम।