सहार। सीएचसी में शनिवार को नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए रेडिएंट वार्मर और फोटोथेरेपी मशीन इंस्टॉल कराई गई। दोनों आधुनिक मशीनों के चालू होने से नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि रेडिएंट वार्मर का उपयोग नवजात शिशुओं के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए किया जाता है। जन्म के बाद शिशु का तापमान अचानक गिरने की संभावना रहती है। ऐसे में यह मशीन शिशु को आवश्यक गर्मी प्रदान कर उसे सुरक्षित रखती है। वहीं, फोटोथेरेपी मशीन का उपयोग उन नवजात शिशुओं के लिए किया जाता है जिन्हें पीलिया की समस्या होती है।
इस मशीन में विशेष प्रकार की रोशनी के माध्यम से शिशु के शरीर में मौजूद बिलीरुबिन को तोड़कर उसके स्तर को सामान्य किया जाता है। इससे बच्चे को बिना किसी दवा के प्राकृतिक तरीके से उपचार मिलता है। इस सुविधा से अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जनपद मुख्यालय या अन्य बड़े अस्पतालों की ओर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अधीक्षक ने बताया कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को इन नई मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।