औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने शिक्षक की गोली मारकर निर्मम हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 42-42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। शनिवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के कन्हईपुरवा निवासी गीता देवी ने बताया कि पति चंद्रशेखर फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव में शिक्षक थे। वर्ष 2011 में विद्यालय जाते समय उन पर जान से मारने के लिए हमला किया गया था, पर वह बच गए थे। मामले में फफूंद थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की जांच शुरू की थी। वह इस मामले में गवाही न दे पाए, इसलिए दो माह बाद नौ अक्तूबर साल 2011 की शाम चंद्रशेखर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के वक्त वह पत्नी के साथ दूध लेने जा रहे थे। पत्नी गीता की तहरीर पर अजीतमल कोतवाली के गांव रसूलपुर निवासी धीरज सिंह, जनपद मैनपुरी थाना बेवर गांव नगला गढ़ी निवासी अनिल राजपूत, कन्नौज थाना इंदरगढ़ के गांव कठेला निवासी विजय, कन्हई पुरवा निवासी जय सिंह उर्फ राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया व आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए।