ईश्वर का स्मरण करने मात्र से लोगों के कष्ट दूर हो जाते हैं यह बात कथावाचक सतीष अवस्थी ने कही भगवान की प्राप्ति का दिव्य साधन धार्मिक कार्यक्रम है। ऐसे कार्यक्रमों में सहभागिता ही सारे कष्ट दूर कर देती है।
बाबरपुर के भटारोड विद्यानगर में चल रही श्रीमद भागवत महापुराष कथा में कथावाचक ने भक्तों को भगवान की महिमा बताई। कथावाचक पंडित सतीश अवस्थी ने कहा कि जिसके मन, कर्म और वचन से अमृत की वर्षा होती है, ईश्वर उसे अवश्य मिलते हैं।
मनुष्य को जीवन में धन से ज्यादा कर्म को महत्व देना चाहिए। भगवान की शरण में आया व्यक्ति कभी दुखी नहीं रह सकता है।
कहा कि गुरु के बताए रास्ते और वक्ता के वचनों का पालन अवश्य करना चाहिए। भौतिक सुखों को छोड़कर जो भगवान की आराधना करता है, उसे ही सच्चा सुख मिलता है।
अधर्म और पाप से कमाया धन व्यक्ति को अंधकार में ढकेल देता है। कथा श्रवण के दौरान जगत नारायण सक्सेना, शेषनारायण सक्सेना, कृष्ण कुमार सेंगर, संतकुमार दुबे, मदन गुप्ता, पिंटू सोनी, गौरव गुर्जर, अभय सिंह, जतन सक्सेना, योगेंद्र पोरवाल, कल्लू गुर्जर आदि मौजूद रहे।