औरैया। हाइड्रा कारोबारी दिलीप हत्याकांड में सुपारी की रकम पहुंचाने वाले चमरौआ गांव के प्रधान रामू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह जमानत पर था।
सोमवार को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। रविवार को पुलिस ने मुख्य सरगना समेत छह के खिलाफ गैंगस्टर में रिपोर्ट दर्ज की थी।
मैनपुरी निवासी हाइड्रा चालक दिलीप पर शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च 2025 सहार क्षेत्र के पटना नहर पुल के समीप जानलेवा हमला हुआ था। उपचार के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी। पुलिस ने कुछ दिन बाद दिलीप की पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में अनुराग व प्रगति के द्वारा दिलीप को रास्ते से हटाकर उसकी संपत्ति पर शौक करने की प्लानिंग सामने आई थी। मामले में अनुराग के मौसेरे भाई दुर्लभ यादव और शिवम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद चमरौआ प्रधान जमानत पर बाहर आ गया था। जबकि प्रेमी अनुराग, प्रेमिका प्रगति (मृतक दिलीप की पत्नी), दुर्लभ यादव, शिवम की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी है। डीएम के आदेश पर रविवार को सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने दिलीप हत्याकांड के सभी छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की थी।
इनमें चमरौआ निवासी दुर्लभ उर्फ पिंटू यादव, शिवम यादव, फफूंद के हजियापुर निवासी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेमनगर निवासी राम जी नागर उर्फ चौधरी शामिल थे। इसके अलावा मैनपुरी के थाना भौगांव के नगला दीपा निवासी व हाल पता फफूंद के सियापुर गांव निवासी प्रगति यादव व चमरौआ निवासी रामू यादव शामिल थे।
पुलिस के अनुसार दुर्लभ यादव इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना है। शेष इस गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। इस कार्रवाई के बाद सोमवार को सहार पुलिस ने चमरौआ प्रधान रामू यादव को गिरफ्तार किया, हालांकि जमानत पर जेल से बाहर था।