औरैया। 26 मई को त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके बावजूद अब तक इनके चुनाव की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
ऐसे में ग्रामीण विकास मंत्री की विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव होने की अटकलों से कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। चुनाव बढ़ने से मौजूदा प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य गदगद हैं लेकिन चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों को निराशा का सामना करना पड़ा है।
दरअसल, मई 2026 में खत्म हो रहे गांव, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के कार्यकाल से पहले वर्ष 2025 नवंबर में ही पंचायत चुनाव होने की अटकलें शुरू हो गई थीं। इसके बाद प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारियां तेज हो गईं थी। मौजूदा प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य जहां परिसीमन का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, नए दावेदार गांव-गांव में चुनाव प्रचार व संपर्क में जुट गए थे। इस दौरान तमाम दावेदार हजारों रुपये खर्च भी कर चुके हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव 2027 में विधानसभा चुनाव होने के बाद कराए जाने की सुगबुगाहट ने खलबली मचा दी है। इस सुगबुगाहट ने मौजूदा पदों पर काबिज लोगों को संजीवनी दी है, लेकिन दावेदारों के सपने धरे के धरे रह गए हैं।
विधानसभा चुनाव में बढ़ सकती अहमियत
अटकलों व बयानों पर भरोसा करें तो पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही संभव हैं। ऐसे में विभिन्न दलों से विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़ने वालों को अपनी नैया पार लगाने को प्रधानों, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन पाने को मशक्कत करनी पड़ सकती हैं। वहीं, दावेदार भी इन प्रत्याशियों की मदद कर अपना पंचायत चुनाव मजबूत करने का प्रयास करेंगे। इससे विधानसभा चुनाव में इनकी अहमियत बढ़ना तय है।
कब पूरे होंगे गांव में पड़े अधूरे कार्य
प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल अगले माह खत्म हो रहा है। अभी तक कई गांव पंचायतों में कई कार्य पूर्ण नहीं हो सके हैं। प्रधानों ने भी कार्यकाल नजदीक देख इस पर सक्रियता कम कर दी थी। अब कम से कम छह माह का कार्यकाल बढ़ने से उन्हें अधूरे कार्य पूरे कराने का मौका मिल सकता है। ऐसे में देखना होगा कि क्या मौजूदा प्रधान में इसमें दिलचस्पी दिखाएंगे।