औरैया। जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने विद्युत वितरण व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। उच्च वोल्टेज और 33 केवी लाइनों में खराबी तथा पोल व पेड़ गिरने से सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में 37 से लेकर 67 घंटे तक बिजली ठप रही, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अजीतमल क्षेत्र में असेनी और देवकली से आई उच्च वोल्टेज लाइनों में खराबी के कारण 15 वार्डों और 100 से अधिक गांवों की आपूर्ति 37 घंटे बाधित रही। तालेपुर में भी बिजली के पोल झुकने से आपूर्ति ठप हुई। शनिवार रात केजरी के पास खराबी ठीक कर आपूर्ति शुरू की गई, पर उपकेंद्र पर तार जल गया। इसके बाद रात 10 बजे बिजली बहाल हो सकी। अटसू उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में शुक्रवार सुबह खराबी आने से चार फीडरों से जुड़े 60 गांवों में 67 घंटे तक अंधेरा छाया रहा। रविवार दोपहर बाद ही इन ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल की जा सकी।
ऐरवा कटरा विद्युत उपकेंद्र के 130 गांवों में शुक्रवार शाम गुल हुई बिजली करीब 40 घंटे बाद रविवार सुबह आंशिक रूप से चालू हो पाई। पानी की मोटर न चलने से लोगों को किराए पर जनरेटर मंगाने पड़े। मुरादगंज में बृहस्पतिवार रात से बारिश और खंभे गिरने के कारण ठप हुई बिजली आपूर्ति रविवार दोपहर बहाल हो सकी। यह बहाली कर्मचारियों के अथक प्रयासों के बाद तीन दिन बाद हुई।
अछल्दा ब्लॉक के छछूंद गांव में 25 और 10 केवी के दो ट्रांसफार्मर कई दिनों से फुंके पड़े हैं। आटा चक्की बंद होने और पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने डीएम व निगम अफसरों से नए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। दूसरी ओर बेला में दिबियापुर रोड पर 11 केवी लाइन पर बबूल का पेड़ गिरने से दो घंटे बिजली बाधित रही जिसे कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से हटाकर आपूर्ति बहाल कर दी।
वर्जन
लगातार बारिश और जलभराव के बीच फॉल्ट तलाशने में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर खंभे और पेड़ गिरने से ब्रेकडाउन हुआ था। जहां भी समस्याएं हैं वहां मरम्मत कार्य जारी है। लगभग स्थानों की आपूर्ति बहाल हो गई है और जो क्षेत्र रह गए हैं उनमें काम चल रहा है। वह भी शाम तक सामान्य कर दी जाएगी। - सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत