अजीतमल। कोहरे ने आलू, सरसों व अरहर की फसल के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने फसलों की हल्की सिंचाई करनी शुरू कर दी है। फंगस व अन्य तरह की बीमारी से फसलों को बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव भी शुरू किया है।
मौसम में बदलाव की वजह से गिरते तापमान और कोहरे पाले का असर खास तौर पर रबी की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गेहूं के लिए मौसम अनुकूल है। मौसम ऐसा ही बना रहा तो फसलों की पैदावार गिरने की आशंका है। आलू के संग मटर और चना की फसलों पर रोग का खतरा है।
जनता महाविद्यालय के कृषि विभाग के प्रोफेसर वीरेश भदौरिया ने बताया कि बचाव के लिए किसान गंधक के तेजाब का छिड़काव करें।
इससे फसल के आसपास के वातावरण का तापमान बढ़ जाता है। तापमान गिरने की वजह से फसलों में फफूंद जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आलू की फसल में झुलसा की समस्या है। सरसों में ब्लाइट की समस्या बढ़ी है। वहीं माैसम वैज्ञानिकों की मानें तो पांच-छह दिन बाद ही कोहरे से राहत मिलने के आसार हैं।