औरैया। बेहतर सुविधा की आस में सौ शैय्या युक्त जिला चिकित्सालय सालों से डॉक्टरों की कमी का दंश झेल रहा है। सर्वाधिक खराब स्थिति बीमार महिलाओं तथा बच्चों की हो रही है। फिजीशियन, सर्जन एवं बाल रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त होने से मरीजों एवं तीमारदारों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
चिचौली जिला अस्पताल इस समय डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में महिला विशेषज्ञ के नाम पर सिर्फ एक डॉक्टर है। डॉ. अपर्णा संखवार को पीजी कोर्स के लिए अप्रैल 2018 से कार्यमुक्त कर दिया। जिन्होंने 21 अगस्त को त्यागपत्र दे दिया। वहीं आर्थोपेडिक सर्जन पिछले तीन महीने से नहीं आ रहे है। बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर एक भी डॉक्टर नहीं है। फिजीशियन के पद सिर्फ डॉ. एमयू खान व डॉ. देवेंद्र सिंह राजावत ही है। जिसमें डॉ. देवेंद्र को सीएमओ आफिस से अटैच कर दिया गया है। नेत्र रोग में एक डॉक्टर तैनात है। वहीं सर्जन के नाम पर भी कोई डॉक्टर नहीं है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के नाम पर सिर्फ डॉ. राजीव रस्तोगी है। वह भी सीएमएस का पद होने के कारण मीटिंग और सरकारी कामों में व्यस्त रहते है। समय मिलते ही मरीजों का परीक्षण करने को लगे रहते है। इस समय चिचौली जिला अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
इनसेट
डॉक्टरों की समस्या बहुत समय से हो रही है। दिबियापुर विधायक लाखन सिंह ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर यहां की स्थिति से अवगत कराया था। सीएमओ द्वारा भी इस समस्या के निदान के लिए विभाग को अवगत कराया जाता रहा है। लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। हम फिर से पत्र लिख इस समस्या से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
डा. राजीव रस्तोगी (सीएमएस)
इनसेट
अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सक व रिक्त संख्या
पदनाम स्वीकृत कार्यरत रिक्त
चिकित्साधिकारी फिजीशियन 2 0 2
चिकित्साधिकारी बाल रोग विशेषज्ञ 1 0 1
चिकित्साधिकारी पैथोलाजिस्ट 1 0 1
चिकित्साधिकारी स्किन/एसटीडी 1 0 1
चिकित्साधिकारी कार्डियोलाजिस्ट 1 0 1
चिकित्साधिकारी निश्चेतक 2 1 1
चिकित्साधिकारी जनरल सर्जन 2 0 2
चिकित्साधिकारी नेत्र सर्जन 1 0 1
चिकित्साधिकारी ईएमओ 3 0 3