जिले में एक प्रमुख डाकघर समेत 19 डाकखानों में महज 30 डाकियों के सहारे ही डाकों का वितरण हो रहा है। इनमें विभागीय सिर्फ छह ही है। 24 ग्रामीण डाक सेवा (जीडीएस) के कर्मी है। कोरियर सेवा, आनलाईन सेवाओं व संचार क्रांति से डाक का क्रेज कम हुआ है। डाकियों की कमी के कारण सरकारी डाकों के वितरण में लेटलतीफी भी होती है। जबकि डाकघर रजिस्ट्री के अलावा कोरियर सेवा की तरह ही स्पीड पोस्ट की भी सेवा चला रही है।
डाक विभाग के पास पूरे जिले में 30 डाकिए हैं। इन्हीं के भरोसे जिले की डाकसेवा है। हाईटेक युग में संचार क्रांति ने डाक सेवाओं की कमर तोड़ दी है। मोबाइल और ईमेल ने खतों का क्रेज कम ही कर दिया है। इसके अलावा विभागीय नौकरियों के आवेदन भी अब आनलाइन हो गए है। ऐसे में डाक सेवाएं प्रभावित हुई है। इसके अलावा प्राईवेट सेक्टर में शुरू हुई कोरियर सेवाओं ने डाक विभाग की कमर ही तोड़ दी। कोरियर सेवा को टक्कर देने के लिए विभाग ने स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की थी। जो अभी भी चल रही है मगर सरकारी डाकों के अलावा अन्य के लिए कम लोग ही इस सेवा का कम ही प्रयोग कर रहे हैं।
लेकिन डाकियों की संख्या से जूझ रहे डाक विभाग में सरकारी डाकों के वितरण में लेटलतीफी की कई शिकायतें भी आई। बचे हुए भी अधितकर पोस्टमेन धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होते जा रहे है। उनकी जगह कुछ संविदा कर्मियों को लगाया जा रहा है। शहर के प्रधान डाकघर में मात्र छह डाकिये कार्यरत हैं। जिन्हें नगर व ग्रामीण क्षेत्र मे भी डाक बांटने का काम करना पड़ता है। उसमें भी विभागीय कर्मचारियों की कमी के चलते डाक बांटने का काम जीडीएस (ग्रामीण डाक सेवा) के कर्मचारियों से भी लिया जा रहा है।
जिले के डाकघरों में तैनात पोस्टमैन
जिले में एक प्रधान डाकघर व 18 उप डाकघर हैं। जिनमें डाक बांटने के लिए लगभग 30 पोस्टमेन हैं। प्रधान डाकघर में छह जिसमें मात्र दो विभागीय हैं। बिधूना में तीन जीडीएस, अछल्दा में दो विभागीय, अजीतमल में एक विभागीय व एक जीडीएस, दिबियापुर में दो जीडीएस, फ फू ंद में एक जीडीएस, मुरादगंज में एक विभागीय, बेला में 2 जीडीएस, सहार में एक जीडीएस, कंचौसी में एक जीडीएस, हरचंदपुर में एक जीडीएस, ऐरवाकटरा में एक जीडीएस, रुरुगंज में एक जीडीएस, लुहियापुर में एक जीडीएस, मल्हौसी में एक जीडीएस तैनात है।
आधार कार्ड वितरण हो गया था फेल
सबको आधार देने की महत्वाकांक्षी योजना में आधार कार्ड वितरण का काम डाक विभाग को ही दे दिया गया था। कुछ लोगों को ही आधार कार्ड डाक विभाग से मिल सके। जबकि हजारों की संख्या में आधार कार्ड डाकखानों में ही पड़े रहे। कर्मचारियों की कमी से उनका वितरण ही नही हो पाया। ऐसे में फिर आनलाईन ही आधार निकलवाने की व्यवस्था की गई जिससे लोगों को आधार मिल सका।
विभागीय पोस्टमैन बहुत कम है। ग्रामीण डाक सेवा कर्मियों के सहारे वितरण हो रहा है। विभाग की तरफ से संविदा पर रखने के भी आदेश नही है। इसलिए दिक्कत तो आती ही है।
सिद्ध गोपाल पाल, प्रभारी पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर