औरैया। भाजपा की संगठन चुनाव प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों 13 मंडलों के लिए आवेदन आए हैं। मंडल अध्यक्षों की घोषणा न होने से जिलाध्यक्ष पद के आवेदन की तिथि बढ़ने के आसार दिख रहे हैं। मालूम हो कि जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। जिलाध्यक्ष पद पर अभी तक आधा सैकड़ा कार्यकर्ता अपनी दावेदारी जता रहे हैं।
भाजपा की संगठन चुनाव प्रक्रिया के तहत सबसे पहले जिले में मंडल अध्यक्षों की घोषणा की जानी थी। इसके बाद 16 नवंबर को जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन लिए जाने हैं। जिले में सभी 13 मंडलों के आवेदन लिए गए। पार्टी सूत्रों की माने तो इन 13 मंडलों पर एक सैकड़ा से अधिक आवेदन हुए है, जिनके नामों की घोषणा 31 अक्तूबर तक होनी थी। लेकिन किसी कारणवश तिथि बढ़ाकर पांच नवंबर तक की गई थी। अभी तक मंडल अध्यक्षों की घोषणा नहीं की गई है।
हाल ही में आने वाले अयोध्या फैसले के चलते मंडल अध्यक्ष की घोषणा की तिथि बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद को लेकर उम्मीद लगाए बैठे लोगों में उथल-पुथल मची हुई है।
मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद 16 नवंबर को जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन लिए जाने है। यदि एक आवेदन होता है तो जिलाध्यक्ष की घोषणा भी अगले दिन 17 नवंबर को कर दी जाएगी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि जिलाध्यक्ष पद के लिए आधा सैकड़ा से अधिक आवेदन आ सकते हैं। हालांकि जब तक मंडल अध्यक्ष घोषित नहीं होते। जिलाध्यक्ष पद की घोषणा मुश्किल है।
पार्टी नेता श्रीराम मिश्रा ने बताया कि यह सही है कि घोषणा अब तक हो जानी चाहिए थी, शायद विधानसभा चुनाव और अयोध्या के आने वाले फैसले व पार्टी नेताओं की व्यस्तता के चलते मंडल अध्यक्षों की घोषणा नहीं की जा सकी है। उधर, अध्यक्ष पद को लेकर भले ही केवल पार्टी हाई कमान ने तिथि घोषित की हो, लेकिन जिलाध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी करने वालों ने अपनी दावेदारी को हाईकमान तक मजबूती से पहुंचाने और होने वाले मंडल अध्यक्षों को अपने पक्ष में करने के लिए राज्यमंत्री और विधायक की परिक्रमा करना शुरू कर दिया है।