औरैया। सरकार की मथुरा वृंदावन पर नजर इनायत हैं। भगवान की जन्म और कर्मस्थली का पर्यटन की दृष्टि से ग्राफ पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल कुदरकोट को भी संवारने की मांग उठने लगी है। यहां के लोग कुदरकोट को पर्यटन का केंद्र बनाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि पर्यटन विभाग ने कुछ काम कराए हैं। लेकिन इसे बड़े पैमाने पर करने की मांग है।
कुदरकोट स्थित अलोपा देवी मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं से रुक्मिणी का हरण किया था। शारदीय नवरात्र पर्व पर यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर के पुजारी राम कुमार चौरसिया ने बताया कि इस मंदिर का पौराणिक महत्व इसे विशेष बनाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की यहां के कुंदनपुर (कुदरकोट) में ससुराल है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया था। जिस कारण यह स्थान पौराणिक भी है।
द्वापर काल में यह मंदिर मां गौरी के नाम से स्थापित था। इस मंदिर से देवी रुक्मिणी का सीधा जुड़ाव था। देवी रुक्मिणी की इच्छा पर भगवान कृष्ण ने इसी मंदिर से उनका हरण किए जाने के बाद मां गौरी भी अलोप हो गई थीं। तभी से इस मंदिर को अलोपा देवी के नाम से जाना जाता है। भागवत पुराण में उल्लेख है कि कुंदनपुर में पांडु नदी पार करके भगवान कृष्ण देवी रुक्मिणी का हरण कर ले गए थे। द्वारका ले जाकर विवाह कर उन्हें अपनी रानी बनाया था।
मंदिर के पश्चिम दिशा में स्थित द्वापर कालीन महाराजा भीष्मक का स्थापित शिवलिंग है। जहां अब मंदिर बना हुआ है। अब इस मंदिर को बाबा भयानक नाथ के नाम से जाना जाता है। यहां पर चैत्र व आषाढ़ माह की नवरात्र में हर वर्ष मेला लगता है। पिछले 125 वर्षों से भव्य रामलीला का आयोजन होता आ रहा है। खास बात यह है कि तीन साल पहले यहां पर पर्यटन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत करीब 49 लाख से सत्संग भवन बनाया गया था। कुछ सहूलियत तो यहां बढ़ी है। लेकिन यहां पर बहुत कुछ हो सकता है।
पर्यटन विभाग विकास कार्य कराए तो बढ़े रौनक
फोटो-11-धीरेंद्र कुमार
अलोपा देवी मंदिर से लेकर भयानकनाथ मंदिर के बीच पर्यटन विभाग बहुत कुछ विकास के कार्य करा सकता है। जिससे यहां की रौनक बढ़ जाएगी।-धीरेंद्र कुमार
रास्तों पर लाइटें लगा दी जाएं तो बेहतर
फोटो-12- बलराज सिंह
पौराणिक महत्व होने से मंदिर में दूर-दराज से लोग आते हैं। भव्य आयोजन भी होते हैं। रास्तों पर लाइटें लगाकर भव्य रौनक बढ़ाई जा सकती है।-बलराज सिंह
अलोपा देवी मंदिर का दायरा बढ़ाया जाए
फोटो-13- अमित दीक्षित
अलोपा देवी मंदिर का दायरा काफी कम है। बाउंड्री से लेकर पर्यटन के उद्देश्य से सजावट हो जाए तो स्थान की रौनक बढ़ जाएगी। आस्था के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल जाएगा।- अमित दीक्षित
वर्जन-
पर्यटन विभाग की ओर से तीन साल पहले 49 लाख से सत्संग भवन व अन्य मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं। जनप्रतिनिधियों के अलावा अगर अन्य प्रस्ताव आते हैं तो शासन को भेजे जाएंगे। -मोहित सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी
राम कुमार चौरसिया