वर्ष 2012 में एसपीवी का हुआ था गठन
यूपी प्लास्टिक सिटी डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एसपीवी)का गठन किया गया। वर्ष 2012 के अंत में प्लास्टिक उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को ड्राफ्ट के रूप में 5 हजार रुपए जमा करके पंजीकरण कराने के लिए कहा गया था। एसपीवी पार्टनर बनने वालों को इंडस्ट्रीज लगाने के लिए प्लाट आवंटित करने की बात कही गई। आशाओं, आकांक्षाओं एवं उम्मीदों से लबरेज सैकड़ों स्थानीय लोगों ने 5 हजार रुपए ड्राफ्ट के रूप में जमा करके पंजीकरण भी कराए। लोगों के उत्साह को कैश कराने के लिए प्लांट लगाने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट सबमिट भी कराई गई। 19 अप्रैल 2013 को अखबारों में विज्ञप्ति देकर बताया गया कि एसपीवी में सदस्यता शुल्क जमा करने वाले लोग भूखंड की प्रीमियम दर 1200 रुपए प्रति वर्ग मीटर की 10 फीसदी धनराशि जमा कराएं। इसके लिए 12 अगस्त 2013 को साक्षात्कार के लिए भी बुलाया गया। परंतु प्लास्टिक सिटी अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी। एसपीवी में पंजीकरण कराने वाले अधिकतर लोग प्लास्टिक सिटी बननेे की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं। तो कई ऐसे हैं जो अपना पंजीकरण का रुपया वापस पाने के लिए जोड़ तोड़ लगा रहे हैं।
274.4 एकड़ पर स्थापित होगी इंडस्ट्रीज
उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथारिटी की वेबसाइट के अनुसार गेल, एनटीपीसी, सीपेट, एमएसएमई-डीआई एवं फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट (हुडको, सिडबी, नाबार्ड एवं अन्य) के सहयोग से दिबियापुर का प्लास्टिक पार्क स्थापित होना है। 274.4 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल यूनिट एवं 84.93 एकड़ भूमि पर रेजीडेंशियल यूनिट एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट होना है। कंचौसी एवं फफूंद रेलवे स्टेशनों से गुजरा रेलवे का ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्लास्टिक सिटी को रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए मुंबई में हुआ था रोड शो
अखिलेश सरकार में औरैया के प्लास्टिक सिटी बसाने के लिए काफी प्रयास किए गए। परंतु प्लास्टिक सिटी बस नहीं पाई। यहां तक कि इसके लिए मुंबई में रोड शो आयोजित कर बड़े उद्योगपतियों को आकर्षित करने का भी प्रयास किया गया था। पिछले महीनों में डीएम औरैया ने यहां पर कब्जा वाली भूमि को खाली कराया था। यूपीसीडा का गेल के साथ हुए अनुबंध के बाद प्लास्टिक सिटी में प्लाट, निवेश मित्र पोर्टल के जरिए दिए जा रहे हैं।