औरैया। खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मां-बेटे ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपने को कोरोना वायरस की चपेट में आने का संदेह जताया। लेकिन चिकित्सकों ने किसी तरह की सुविधा न होने की बात कहते हुए उन्हें लौटा दिया। मामला तूल पकड़ने पर अस्पताल पहुंचे सीएमएस ने दोनों को जांच के लिए आश्वस्त कर घर भेजा।
गुरुवार की रात लगभग साढ़े सात बजे अस्पताल पहुंचे मां-बेटे ने इमरजेंसी मेें तैनात चिकित्सक डॉ.कुशल को बताया कि वह दोनों खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें शक है कि कहीं वह कोरोना वायरस के शिकार तो नहीं हैं। युवक ने चिकित्सक को बताया कि वह जालंधर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता है और मंगलवार को अपने घर आया। तब उसे बुखार था, आज वह खांसी, जुकाम और बुखार तीनों से पीड़ित है, उसकी मां को भी यह तीनों रोग लगे है।
इससे उन्हें शक है कि कहीं वह कोरोना वायरस के शिकार तो नहीं हो रहे। जिसके चलते उनकी जांच की जाएं। यह सुन डॉ.कुशल ने मां-बेटे को किसी तरह अस्पताल में इंतजाम न होने की बात कही और उन्हें घर जाने के साथ ही शुक्रवार को कहीं और दिखाने की बात कही। इस पर मां-बेटे दोनों ने नाराजगी जाहिर की तो वहां दोनों के बीच बहस होने लगी। इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमएस को दी।
अस्पताल पहुंचे सीएमएस ने युवक को बताया कि खून की जांच की सुविधाएं अस्पताल में दिन के समय तक रहती हैं। इस समय किसी तरह के इंतजाम नहीं हैं और न ही वह कोई व्यवस्था कर सकते है। युवक ने शिकायत बड़े अधिकारियों से करने की बात कही तो सीएमएस ने युवक को आश्वासन दिया कि उनकी कोरोना रेसक्यू टीम उनके घर पहुंचकर जांच करेगी। आज उन्हें घर जाना होगा।
सीएमएम डॉ.लाखन सिंह ने बताया जानकारी मिलने पर कोरोना रेसक्यू टीम (बचाव दल) को संबंधित की जानकारी दे दी गई है। संबंधित व्यक्ति की विशेष जांच कराई जाएगी। बताया कि अस्पताल में दिन के समय जांच के इंतजाम है। अस्पताल बंद होने के बाद कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे उसे लौटाया गया है। शुक्रवार को टीम उस संबंधित व्यक्ति का परीक्षण करने उसके घर जाएगी।