औरैया। अब गृहकर निर्धारण में नगर पंचायत की मनमानी नहीं चलेगी। अब नगर पंचायत में स्वकर प्रणाली लागू होने के बाद न सिर्फ इन सब समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। यहां के लोग स्वकर प्रणाली के अनुसार ही अपने भवन का टैक्स भी तय कर सकेंगे।
यह टैक्स मकान के एरिया, कवर्ड एरिया, रास्ता, नया व पुराना मकान, वार्ड, गली आदि बिंदुओं का आकलन करके ही तय किया गया है। नई स्वकर प्रणाली को नगर पंचायत ने मंजूरी दे दी है।
10 वार्डों की नगर पंचायत अछल्दा की आबादी करीब 25 हजार के आसपास है। यहां पर करीब 1375 मकान बने हैं। यह सभी मकान टैक्स के दायरे में आते हैं। अभी तक नगर पंचायत के राजस्व निरीक्षक मौके पर जाकर टैक्स का निर्धारण करते थे और तय भवन स्वामी पंचायत में गृहकर चुकाते थे, लेकिन इससे टैक्स निर्धारण में असमानता की शिकायतें भी आती रहती हैं।
इसे सही कराने के लिए लोगों को नगर पंचायत तक भागदौड़ करनी पड़ती है, लेकिन अब नई स्वकर प्रणाली को नगर पंचायत ने मंजूरी दे दी है। उधर,नगर पंचायत में लगातार नए भवन बन रहे हैं, इन्हें गृहकर व जलकर के दायरे में लगाने के लिए पंचायत प्रशासन की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में चयनित मकानों पर भी गृहकर व जलकर टैक्स लगेगा।
नगर पंचायत अछल्दा में स्वकर प्रणाली को लागू करने को प्रशासन ने आपत्तियां मांगी थी। बावजूद इसके तय समय सीमा में एक भी आपत्ति नहीं आई। ऐसे में नगर पंचायत के दायरे में आने वाले भवन या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर कर निर्धारण किया गया है।
कस्बा में अब स्वकर प्रणाली के अनुसार ही टैक्स की वसूली की जाएगी। रेट तय कर दिए गए हैं। इसी के अनुरूप भवन स्वामियों को टैक्स चुकाना होगा। - विकास कुमार, ईओ, नगर पंचायत अछल्दा