औरैया। सितंबर माह का यह आखिरी सप्ताह है। शारदीय नवरात्रि के पांच दिन हो चुके हैं। फिर भी तापमान चरम पर है। सुबह से ही चटक धूप से लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इससे जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, बारिश की उम्मीदों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है। इससे खरीफ की पछैती फसलों के लिए भी संकट खड़ा हो सकता है।
मौजूदा समय में भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। नवरात्र के दिनों में ऐसी भीषण गर्मी को लोग प्रकोप ही मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि नवरात्रि के दिनों में अमूमन मौसम ठंडा होने लगता है। रात के समय हल्की ठंडक आती रही है। दिन में धूप में तेजी नहीं होती। लेकिन इस बार दशहरा नजदीक आने के बाद भी गर्मी चरम पर है। सबसे ज्यादा दिक्कत तेज धूप से हो रही है। सुबह आठ बजते ही सूरज की किरणें तन झुलसा रहीं हैं। इससे बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। लोग वायरल फीवर के अलावा अन्य बीमारियों का भी शिकार हो रहे हैं।
हालात यह है कि दिन व रात में भारी उमस हावी है। हवा भी बंद रहती है। ऐसे में लोगों को बारिश की उम्मीद भी रहती है लेकिन आसमान में बादल मंडराकर लौट जाते हैं। इससे उन फसलों पर भी संकट खड़ा हो गयाहै जो पछैती में बोई गईं थी। किसानों का कहना है कि नमी कम होने से रवी की फसल की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है।