औरैया। कोलकाता में मेडिकल कॉलेज की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद देश भर के डॉक्टरों में आक्रोश और गुस्सा देखा जा रहा है। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हड़ताल पर रहे। ऐसे में एक हजार के करीब मरीजों को बिना उपचार व परामर्श के वापस लौटना पड़ा।
मंगलवार को रोजाना की तरह मरीजों का चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज में पहुंचना हुआ। इस दौरान परिसर में 32 जूनियर व 17 सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी। पर्चा काउंटर पर एक हजार के करीब मरीज पहुंचे, लेकिन ओपीडी के बाहर बैठकर डॉक्टरों के बैठने का इंतजार करते रहे। वहीं परिसर में तख्ती व बैनर लेकर डॉक्टर अपनी मांग करते रहे। वहीं हड़ताल से मरीजों को परेशान होना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी में सुविधाएं चालू रहीं।
हड़ताल कर रहे जूनियर व सीनियर रेजीडेंट डाॅक्टरों को समझाने के लिए प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार, एसडीएम सदर राकेश कुमार व सीओ सदर महेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। इस दौरान चिकित्सक अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि कोलकाता में हमारी बहन के साथ जो घटना हुई, उसके विरोध में दूसरे दिन भी रेजिडेंट डॉक्टर्स के द्वारा अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में बनी चौकी में आनन-फानन पुलिस महकमे की ओर से एक दरोगा व कांस्टेबल को चार्ज देते हुए तैनाती सुनिश्चित कराई गई। हड़ताल कर रहे डॉक्टरों में डॉ. उत्कर्ष, डॉ. माया, डॉ. संतोष, डॉ. अविनाश, डॉ. गौरव, डॉ. कीर्थवर्धन, डॉ. सुभांकर, डॉ. दीपा, डॉ. कीथा, डॉ. काव्या, डॉ. कृष्णकांत आदि शामिल रहे। वहीं प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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पिछले दिनों डॉक्टर के कमरे में हुई चोरी आई सामने
औरैया। मेडिकल कॉलेज में तैनात सीनियर रेजीडेंट डॉ. दीपा कामले के कमरे में नौ मई 2024 को चोरी हुई थी। यहां चोर ने उनके नर्सिंग हास्टल के कमरे में दाखिल होकर नकदी व जेवर पार कर दिए थे। जिसका प्रार्थना पत्र दीपा ने प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार को दिया था। मामले में स्थलीय मुआयना करते हुए इमारत में तीन खामियां पाई गई थी। इसमें दरवाजे के बाहर की ओर लॉक लगाए जाने का इंतजाम न होना, आवास की खिड़कियों पर लोहे की जाली का अभाव व नर्सिंग हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे सक्रिय न होना पाए गए थे। इन बिंदुओं को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने निर्माणदायी संस्था पीएसपी प्रोजेक्ट लिमिटेड के जीएम को पत्र लिखते हुए इन खामियों को दूर कराने की मांग भी की थी। अन्य सुरक्षात्मक कार्यों के लिए अलग बजट से कार्य कराया जाएगा। संवाद