औरैया। मौसम का पारा शीर्ष की ओर बढ़ रहा है। लू के थपेड़ों से हर कोई परेशान है। इस गर्मी का असर राज्य परिवहन निगम पर भी पड़ रहा है।
निगम को विभिन्न रूटों पर यात्री नहीं मिल रहे हैं। उन्हें घंटों बस स्टेशन पर खड़े रहकर सवारियों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे निगम को रोजाना तीन लाख का घाटा हो रहा है।
रोडवेज के बेड़े में 73 बसें शामिल हैं। इन बसों को यहां के 15 रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। इससे सामान्य तौर पर रोजाना डिपो को करीब 11.40 लाख रुपये की आमदनी हो रही थी। भीषण गर्मी के चलते डिपो का राजस्व लगातार घट रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि गर्मी के सीजन में रोडवेज यात्री तलाशे नहीं मिल रहे हैं। दोपहर के समय में डिपो में सन्नाटा पसरा रहता है।
बसों में न के बराबर यात्री रहते हैं। वहीं रूटों पर दौड़ने के दौरान चालक-परिचालक जगह-जगह बस रोक कर यात्रियों की संख्या बढ़ाने में जुटे रहते हैं। एआरएम रोडवेज डिपो अपर्णा मीनाक्षी ने बताया कि राजस्व महज आठ लाख तक ही पहुंच पा रहा है। ऐसे में औसत आय के मुकाबले रोजाना तीन लाख से ज्यादा का राजस्व घाटा हो रहा है। जबकि डीजल की खपत लगातार वही बनी हुई है।
बसों में यात्रियों को लू से बचाने के इंतजाम
गर्मी से यात्रियों को बचाने के लिए डिपो परिसर में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। यहां पर बैठने के लिए छाया की व्यवस्था है। हवा के लिए पंखे भी लगे हैं। प्यास बुझाने के लिए शीतल जल के लिए दो वाटर कूलर लगे हैं। साथ ही लू से बचाव के लिए फ्री में ओआरएस घोल के पैकेट यात्रियों को मुहैया कराए जा रहे हैं। ताकि सफर में कोई दिक्कत न रहे।