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Auraiya News: करोड़ों से लगे ऑक्सीजन प्लांटों पर ताला, बाहर से मंगा रहे सिलिंडर

Thu, 04 Dec 2025 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो- 22- दिबियापुर सीएचसी में बना आक्सीजन प्लांट। संवाद
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औरैया। कोविड काल में ऑक्सीजन की बढ़ी मांग के दौरान वर्ष 2021 में जनप्रतिनिधियों की निधि से जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए।
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करोड़ों का बजट खपाया गया लेकिन इन प्लांटों में अब ताले लटक रहे। वहीं, अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर खरीद कर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
करोड़ों रुपये से तैयार ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद भी पिछले तीन सालों से ऑक्सीजन सिलिंडर खरीद पर सरकारी बजट खपाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की निधि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते मरीजों के किसी काम नहीं आ रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार खपत कम होती है, प्लांट का प्रयोग ज्यादा ऑक्सीजन की मांग पर किया जाता है।
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सीन-01
87 लाख से बना था ऑक्सीजन प्लांट
दिबियापुर सीएचसी में बने 50 शैया मातृ एवं शिशु चिकित्सालय को कोविड काल में एल-2 अस्पताल बनाया गया था। यहां कोविड के मरीज भर्ती किए जाते थे। ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ने पर पीएम केयर फंड से यहां पर 87 लाख के बजट से ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया था।
प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन भी बिछाई गई थी लेकिन अब इस प्लांट को प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है। हर महीने खपत के अनुसार दो से तीन ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदे जा रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि सीएचसी पर ऑक्सीजन की खपत कम है। महीने में दो से तीन सिलिंडर की ही जरूरत पड़ती है।
सीन-02
इमरजेंसी में सिलिंडर से दे रहे ऑक्सीजन
शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में तत्कालीन सदर विधायक रमेश दिवाकर की निधि से 85 लाख की लागत से ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया गया था। इसकी क्षमता 485 एलपीएम की है। प्लांट के साथ ही वार्ड में पाइपलाइन भी बिछाई गई थी लेकिन पाइपलाइन बिछाने का काम इमरजेंसी तक नहीं पहुंचा। ऐसे में इमरजेंसी में अभी भी सिलिंडर से मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है। सर्दी को देखते हुए इन दिनों मरीज भी पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन हर सप्ताह 10 सिलिंडरों की खरीद कर रहा है। प्रति सिलिंडर 250 रुपये तक का खर्च आ रहा है।

सीन-03
20 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खरीद हर सप्ताह
कोविड काल के दौरान चिचौली में 100 बेड का जिला अस्पताल था। यहां पर कोविड के मरीज भर्ती हो रहे थे। ऐसे में यहां पर तत्कालीन सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया की निधि से ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया गया था। 95 लाख की लागत से 435 एलपीएम क्षमता का यह प्लांट तो बन गया, लेकिन ये अब प्रयोग में नहीं आ रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जरूरत के अनुसार 20 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खरीद हर सप्ताह की जा रही है। इस ऑक्सीजन प्लांट को अमल में लाने के बजाय मेडिकल कॉलेज में एक नया एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) का प्लांट तैयार कराया गया है। यहां पर 20 हजार लीटर ऑक्सीजन स्टोर की जा सकेगी, जो प्रत्येक बेड तक पहुंचेगी।
ऑक्सीजन प्लांट प्रयोग में क्यों नहीं आ रहे हैं, यह मसला संबंधित अस्पताल का है। उन्हें जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट को प्रयोग करना चाहिए। प्लांट में सिलिंडर की रीफिलिंग नहीं कराई जा सकती है।
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-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ औरैया

फोटो- 22- दिबियापुर सीएचसी में बना आक्सीजन प्लांट। संवाद

फोटो- 22- दिबियापुर सीएचसी में बना आक्सीजन प्लांट। संवाद

फोटो- 22- दिबियापुर सीएचसी में बना आक्सीजन प्लांट। संवाद

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