घनी बस्ती में अवैध रूप से मुर्गे की दुकान चला रहे
दो दुकानदारों को पुलिस पकड़ ले गई। इसको लेकर शिकतकर्ताओं और दुकानदार के
पक्षों में मारपीट हो गई।
इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के
चार लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही दोनों पक्षों के 13 लोगों को
शांतिभंग के अंदेशे में निरुद्ध किया है।
कुछ महीने पहले थाने के
पास स्थित राममंदिर के ठीक सामने मुर्गे की दुकानें लगतीं थीं। पुलिस
अधीक्षक मनोज तिवारी दिबियापुर थाने का निरीक्षण करने आए तो उन्होंने मंदिर
के सामने मुर्गा काटने की दुकानें हटवा दीं। इसके बाद रेलवे स्टेशन के
समीप घनी बस्ती में मुर्गे काटे जाने लगे।
स्थानीय लोगों ने बस्ती
के बीच मुर्गे काटे जाने पर आपत्ति जताई। साथ ही इसकी शिकायत डीएम, एसपी,
सीएमओ और दिबियापुर पुलिस से की। डीएम कार्यालय से रविवार को दिबियापुर
थाना पुलिस को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रर्वाई करने का पत्र मिला।
रविवार
की शाम पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो लोगों को बस्ती में मुर्गे काटते पकड़
लिया। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ला ही पाई थी कि आरोपियों के पक्ष से
लगभग 50 महिलाएं थाने पहुंच गईं। एसएसआई मायाराज ने महिलाओं को चेतावनी
देकर भगा दिया।
इस पर महिलाओं ने शिकायतकर्ताओं का घर घेर लिया।
पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत करा दिया। पुलिस के जाने के बाद फिर से दोनों
पक्षों में विवाद हो गया। जमकर मारपीट होने लगी। प्रभारी निरीक्षक
विक्रमाजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों ने चार लोगों को पकड़
लिया।
दोनों पक्षों के 13 लोगों को शांतिभंग के अंदेशे में निरुद्ध
कर दिया। एसडीएम कोर्ट औरैया में पेश किए छह लोगों को एसडीएम जितेंद्र
श्रीवास्तव ने कड़ी चेतावनी देकर जमानत कर रिहा कर दिया।