अजीतमल। विशेष न्यायाधीश ने अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में क्लीनिक संचालक डॉक्टर विनोद कुमार पांडेय के प्रार्थना पत्र पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। डॉक्टर ने 15 जुलाई 2026 को अपने क्लीनिक में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और 20 हजार रुपये सहित अन्य सामान लूटने का आरोप लगाया है। एक मरीज से विवाद बढ़ने के बाद यह घटना हुई थी।
डॉक्टर विनोद कुमार पांडेय ने दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि पिछले 35 वर्षों से अजीतमल तिराहा पर क्लीनिक चलाते हैं। 15 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे राज नामक एक व्यक्ति पट्टी बंधवाने आया था। चोट का कारण पूछने और पहले थाने जाने की बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कुछ देर बाद राजवीर, राज, हरीकृष्ण, जयवीर, सोनवीर, श्रीकृष्ण, लक्ष्मी, श्याम किशन, आकाश और चार लोग लाठी व असलहे से लैस होकर क्लीनिक में घुस आए। उन्होंने बीपी मशीन, आला और अन्य सामान तोड़ दिया। जेब से 20 हजार रुपये, गले की सोने की चेन व मंदिर के पैसे लूट लिए। डॉक्टर के छोटे भाई मनीष पांडेय पर लाठी में लगी कील से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के सीसीटीवी फुटेज, आईजीआरएस संदर्भ और मनीष पांडेय की मेडिकल रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
पुलिस की प्रस्तुत आख्या में सामने आया कि इसी तिथि को दूसरे पक्ष के राजवीर सिंह बाल्मीक की तहरीर पर डॉक्टर विनोद कुमार पांडेय के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में पहले ही मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है। कोर्ट ने डॉक्टर का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए अजीतमल कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।