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आठ बजे की ओपीडी 10 बजे शुरु, बुखार-खांसी के उमड़े मरीज

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दिबियापुर सीएचसी पर मरीजों का उपचार करता चिकित्सक - फोटो : AURAIYA
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औरैया। कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी अस्पतालों में 25 अप्रैल से बंद चल रही ओपीडी शुक्रवार से शुरू हो गई। अस्पताल में शरीर में दर्द, बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की भीड़ रही। 50 शय्या जिला अस्पताल में चिकित्सक के देरी से आने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ा। सीएचसी और पीएचसी पर भी यही हालात रहे।
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शासन के निर्देशों के तहत सुबह आठ बजे से सभी अस्पतालों में ओपीडी संचालित होनी थी। लेकिन 50 शैय्या अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीज 10 बजे तक भटकते रहे। अस्पताल का मेन गेट पौने दस बजे खुला। इस बीच दंत चिकित्सक डॉ. निधि अपने कक्ष में पहुंचीं। ईएनटी सर्जन दोपहर 12 बजकर 46 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। डॉ. निधि ने बताया कि अधिकांश मरीज खांसी, एलर्जी, खुजली, शरीर में दर्द, बुखार, जुकाम, दांत में दर्द के रहे। दोपहर दो बजे तक चिकित्सकों ने 150 मरीजों का परीक्षण किया।
126 मरीज पहुंचे उपचार कराने
दिबियापुर/अजीतमल। दिबियापुर सीएचसी पर 40 मरीजों ने उपचार कराया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि खांसी, बुखार से पीड़ित मरीज आए। वहीं अजीतमल सीएचसी में शुक्रवार को कुल 86 मरीजों ने उपचार कराया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल ने बताया कि ओपीडी में डॉ. महेंद्र सिंह, डॉक्टर मोहिनी गुप्ता ने मरीजों का परीक्षण किया। (संवाद)
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बुखार पीड़ित की हुई कोरोना जांच
बिधूना । सीएचसी पर शुरू हुई ओपीडी में कुल 38 मरीज परीक्षण कराने पहुंचे। अस्पताल पहुंचे मरीजों का डॉ. पंकज सविता और डॉ. निधि आर्या ने परीक्षण किया। चिकित्सकों ने बताया कि सिर्फ एक मरीज बुखार का पाया गया। जिसकी कोरोना की जांच भी कराई गई।
करना पड़ा इंतजार
शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी रामप्रकाश साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंचे। बताया कि उनके दांत में दर्द है। पर्चा बनवाने के लिए उन्हें 10 बजे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उपचार कराया।
लैब में जांच नहीं हो सकी
50 शय्या अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में देखा गया। इस बीच कुछ मरीजों ने डॉक्टरों से सीबीसी, मलेरिया, टायफाइड, सुगर आदि की जांच कराने की बात कही। डॉक्टरों ने उन्हें सिर्फ पर्चे पर दवा लेकर तीन से पांच दिन तक खाने की सलाह दी। उनकी जांचें नहीं हो सकी।
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