बिधूना (औरैया)। खांसी के इलाज के लिए झोलाछाप के पास ले जाए गए डेढ़ वर्षीय मासूम की इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ गई। थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपी झोलाछाप अहिबरन राजपूत की तलाश शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर झोलाछाप की दुकान सील कर दी।
बेला थाना क्षेत्र के गांव कैथावा निवासी मुकीम खां अपनी पत्नी सबरीन और डेढ़ वर्षीय पुत्र फैज के साथ रहते थे। बच्चे को खांसी आ रही थी। इससे वह बिधूना कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय प्रथम स्थित एक झोलाछाप की दुकान पर मंगलवार दोपहर बच्चे का उपचार कराने पहुंचे। मुकीम का आरोप है कि झोलाछाप ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, इसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। बच्चे का शरीर नीला पड़ गया और बेहोश हो गया।
यह देख घबराए परिजन बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना लेकर पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजन में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजन को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने परिजन के आरोप के आधार पर झोलाछाप की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी, लेकिन वह भाग गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इधर, मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार व डॉ. सरफराज ने सराय प्रथम गांव पहुंचकर झोलाछाप के बारे में जानकारी ली। डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि दुकान को सील कर दिया गया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि परिजन का आरोप है कि झोलाछाप के लगाए इंजेक्शन से बच्चे की मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पिता की तहरीर पर बिधूना कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय प्रथम निवासी झोलाछाप अहिबरन राजपूत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी तलाश शुरू कर दी है।
फोटो-29-फैज।फाइल फोटो