मृतक के घर के बाहर जमा ग्रामीण महिलाओं व परिजनों की भीड़
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ककोर मुख्यालय के पास आजादपुर में हाई वोल्टेज करंट से हुए हादसे के दूसरे दिन कोई भी बिजली अधिकारी मृतक परिवार या घायलों का हालचाल लेने नही पहुंचा। इससे ग्रामीणों में भी आक्रोश दिखाई दिया। हालांकि तहसीलदार रामनयन मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद युवक के शव का शेरगढ़ घाट पर दाह संस्कार किया गया।
भाग्यनगर ब्लाक के गांव आजादपुर में 12 मई की दोपहर एचटी लाइन का तार एलटी लाइन के तार पर गिर जाने से पूरे गांव के घरों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। करंट लगने से 32 साल के युवक राजेंद्र पुत्र भगवान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। राजेंद्र के परिवार में छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। ऐसे में उनके भरण-पोषण पर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि घटना की जानकारी होने के गाइ तहसीलदार सदर रामनयन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
उन्होंने पीड़ित परिवार को मदद कराए जाने का आश्वासन दिया। वहीं इस प्रकरण में बिजली अधिकारियों की संवेदनहीनता भी सामने आई। आजादपुर में घटना के 48 घंटे बाद भी बिजली विभाग का कोई अधिकारी परिवार को संवेदना जताने मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। उधर इटावा से पोस्टमार्टम के बाद शव का शुक्रवार की दोपहर शेरगढ़ घाट पर दाह संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छाया है।
हादसे के बाद भी नही बदली जर्जर ओसीबी
हादसे के बाद तो हर कोई सुधर जाता है, मगर बिजली विभाग की अभी भी नहीं चेत रहा है। हादसा होने के बाद भी जर्जर ओसीबी मशीन को नही बदला गया। उसी से अन्य गांव की बिजली चलाई जा रही है। विभाग एक्सईएन मीटर के छुट्टी पर होने की बात कहकर फिलहाल अपनी बला टालता दिख रहा है।
गांव में बिजली करंट से हुई मौत से लोगों में आक्रोश को देखते हुए फिलहाल वहां नहीं गया हूं। मामला ठंडा होने पर परिवार के लोगों से जाकर अवश्य मिलूंगा। फिलहाल विभाग की ओर से जो भी उनके हित में लाभ मुहैया कराया जा सकता है। उसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विवेक खरे, जेई, बिजली विभाग