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लाखों शौचालयों के लिए करोड़ो फूंक डाले फिर लकड़ी कंडे और ताले

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सहार(औरैया)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन शौचालयों में कबाड़ भरा है और ताले पड़े हैं। कहीं दरवाजे टूटे हैं तो कहीं निर्माण अधूरा है। ऐसे में लोग खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं। सहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरपुरा व उसके मजरे सुखलालपुर का यही हाल है। अधिकारी ओडीएफ घोषित करने के बाद मिशन को भूल सा गए हैं।
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निर्धारित समय पर गांवों को ओडीएफ करने के लिए आनन फानन में अधूरे शौचालय बनवा दिए गए। देखरेख के अभाव में कुछ जर्जर हो गए तो किसी में दरवाजे और पानी की व्यवस्था न होने पर लोगों ने इसे कबाड़ भरने (लकड़ी, कंडे) में प्रयोग करना शुरू कर दिया। शौचालयों का उपयोग ही बंद कर दिया है।
अधिकांश शौचालय तो पांच से छह महीने में ही जर्जर हो चुके हैं। इससे स्वच्छता अभियान पर पलीता लगता नजर आ रहा है। सुखलालपुर के राजकुमार ने बताया कि सरकार कई योजनाएं चला रही है। उन्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिला। वह परिवार के साथ खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं।
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जल्दबाजी में घटिया निर्माण
गांव की द्रोपदी ने कहा कि जल्दबाजी में घटिया निर्माण कराया गया। जिसके कारण दरवाजा कुछ दिनों में ही टूट गया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर दरवाजा नहीं लगवा सकी और खुले में शौच जाना मजबूरी बन गई।
निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया
गांव के ही ब्रजेश कुमार ने बताया कि सरकार से योजना के तहत शौचालय तो मिला। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। जिससे वह भी परिवार के साथ खुले में शौच जा रहे हैं। कई बार उन्होंने निर्माण पूरा कराने की गुहार भी लगाई।
कुछ माह पहले ही ग्राम पंचायत का कार्यभार ग्रहण किया है। पहले ही गांव में शौचालय बन गए थे। ग्रामीणों से कुछ शौचालय अधूरे होने की जानकारी मिली है। जिसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। - राजीव कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी
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