औरैया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में ओडीएफ के नाम पर बड़ा घपला उजागर हुआ है। दो महीने की जांच के बाद हकीकत का खुलासा हुआ। इसमें जिले की 477 ग्राम पंचायतों में 131 ग्राम पंचायतों में शौचालयों के लिए आवंटित दो करोड़ 23 लाख 46 हजार की अतिरिक्त धनराशि डंप मिली। इनके खाते सीज किए हैं। वहीं 149 ग्राम पंचायतों ने इस मद की करीब सात करोड़ रुपये की धनराशि अतिरिक्त खर्च कर ली। डीएम ने सभी 149 ग्राम पंचायतों के प्रधान व तत्कालीन सचिव से रिकवरी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। रिकवरी में सहयोग न करने वाले प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2014 से अगस्त 2018 के दौरान एक लाख 36 हजार 621 शौचालयों का निर्माण कर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। ओडीएफ के बाद जिला व राज्य के ऑडिट में 16 करोड़ रुपये की धनराशि अतिरिक्त पहुंचने का मामला प्रकाश में आया था। तत्कालीन निदेशक पंचायतराज ब्रह्मदेव त्रिपाठी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में अतिरिक्त मिली धनराशि तत्काल शासन को वापस भेजने के निर्देश दिए थे। इसमें साढ़े सात करोड़ रुपये की धनराशि ही जिले में मिली थी।
इस पर डीएम अभिषेक सिंह ने डीपीआरओ राजेश चौरसिया को बाकी धनराशि की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लगभग दो महीने तक चली जांच में पाया गया कि जिले की 477 ग्राम पंचायतों में 131 ग्राम पंचायतों में एसबीएम (स्वच्छ भारत मिशन) के खाते में दो करोड़ 23 लाख 46 हजार रुपये ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त मिले। इस पर डीएम ने इन सभी खातों को सीज कर धनराशि को वापस मंगाने की कार्रवाई करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए हैं। इधर 149 ग्राम पंचायतों द्वारा करीब सात करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि शौचालय निर्माण खर्च कर ली गई। इसे डीएम ने बड़ी वित्तीय अनियमितता माना। उन्होंने डीपीआरओ से ऐसी सभी पंचायतों के प्रधानों और तत्कालीन पंचायत सचिवों से रिकवरी की धनराशि की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ताकीद किया कि रिकवरी न होने की दशा में संबंधित पंचायत के प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट कराने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मचा है।
उधर, ओडीएफ में धनराशि के आवंटन में गड़बड़ी होने का मामला सामने आते ही डीएम अभिषेक सिंह ने तत्कालीन डीपीआरओ को तलब कर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही समय-समय पर अपडेट के चलते यह मामला खुला सका।
ओडीएफ में अतिरिक्त धनराशि के आवंटन में बड़ी खामी उजागर हुई है। डीएम के निर्देश पर जिन ग्राम पंचायतों में धनराशि पड़ी है। उन ग्राम पंचायतों के खाते सीज कर धनराशि निकालने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जिन ग्राम पंचायतों ने धनराशि खर्च कर ली है उन ग्राम पंचायतों के प्रधानों और तत्कालीन सचिव से रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें सहयोग न करने वाले प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
-राजेश चौरसिया, डीपीआरओ