वैकल्पिक बाल शिक्षा पोषण योजना भारत सरकार के तहत जिला समन्वयक, ब्लाक समन्वयक और अनुदेशक के पदों पर तैनाती के नाम पर एक एनजीओ संचालक ने लाखों रुपये ठग लिए। ठगी के शिकार लोगों ने आरोपियों को दिबियापुर क्षेत्र के खेरा गांव में पकड़कर पुलिस की सुपुर्द कर दिया। थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
सरवेंद्र निवासी दूल्हापुर मैनपुरी, रन सिंह निवासी औंछा मैनपुरी व अन्य पीड़ितों ने दिबियापुर पुलिस को बताया कि 13 सितंबर को एक समाचार पत्र में एक एनजीओ ने विज्ञापन प्रकाशित कराया।
विज्ञापन में वैकल्पिक शिक्षा पोषण योजना भारत सरकार के तहत प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशक, सहायक अनुदेशक, ब्लाक व जिला स्तर पर तैनाती की बात रही। विज्ञापन में लिखे मोबाइल नंबरों के आधार पर हम लोगों ने संपर्क किया। हम लोगों को इटावा बुलाया गया।
बताया कि जिला समन्वयक पद पर 50 हजार, ब्लाक स्तर पर 30 हजार, अनुदेशक पद पर सात हजार रुपये और सहायक अनुदेशक पद पर पांच हजार का मानदेय मिलेगा। हम लोग रुपये देकर चयन कराने लगे। इसके बाद सभी से पदों के हिसाब से ठगी की गई।
धनराशि की ठगी कर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए। सभी को दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए 31 अक्तूबर को गांधी प्रेक्षागृह लखनऊ बुलाया गया। हम लोगों को लखनऊ कोई नहीं मिला। संचालकों का मोबाइल लगातार स्विच आफ जा रहा था। आरोपियों को ढूढ़ते हुए दिबियापुर पहुंचे।
समीपस्थ ग्राम खेरा में आरोपी को पकड़ लिया। थाना पुलिस का कहना है कि मामला दूसरे थाना क्षेत्र का है, पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।