एनटीपीसी ने लॉकडाउन के दौरान 262.3819 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया है। ग्रिड की स्थिरता के लिए पांच अप्रैल से लगातार काम चल रहा है।
यह जानकारी एनटीपीसी महाप्रबंधक दिवाकर कौशिक, अपर महाप्रबंधक वंदना चतुर्वेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में प्रशासन को एक टन कीटनाशक, 5 स्प्रे मशीन, 850 पैकेट डिटॉल हैंडवॉश, एक हजार एंटीसेप्टिक साबुन के पैकेट, 2500 फेस मास्क, 422 लीटर हैंडसैनिटाइजर, 364 पीपीई किट, 140 वीटीएम एवं दो थर्मल स्कैनर दिए जा चुके हैं।
जिला प्रशासन के माध्यम से अनंतराम टोल प्लाजा के पास प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सामग्री बांटी गई थी। जागृति महिला मंडल द्वारा परियोजना प्रभावित ग्राम जमुहा में 125 जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री दी गई थी।
टाउनशिप गेट से लोगों के आवागमन को पूर्ण नियंत्रित किया गया है। वहीं पीएम केयर्स फंड में 250 करोड़ रूपये का योगदान दिया गया। कोरोना संदिग्ध की किसी भी इमरजेंसी काल पर पीड़ित के पास एंबुलेंस 10 मिनट में पहुंच जाएगी।
यह जानकारी एनटीपीसी के सीएमओ डॉ. तेजेंद्र सहगल ने दी। बताया कि इसके लिए सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
जल्द ही इसकी माकड्रिल भी की जाएगी। यह तैयारियां गेल में संदिग्ध कोरोना संक्रमित एक मैनेजर का वीडियो वायरल होने के बाद एनटीपीसी में की जा रहीं हैं। इस वायरल हुए वीडियो में मैनेजर द्वारा एक घंटे तक एंबुलेंस न पहुंचने की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी गई थी।