स्वास्थ्य विभाग ताहरपुर गांव में फैले खसरे को काबू नहीं कर पाया था कि क्षेत्र के तुलसीपुर गांव में खसरे ने अपने पैर जमा लिए हैं। तकरीबन हर घर में एक व्यक्ति इसकी चपेट में है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोग नियंत्रक टीम ने गांव का दौरा कर पीड़ितों को दवाइयां बांटी है। इसके बावजूद रोग पर काबू करना मुश्किल हो रहा है।
भाग्यनगर ब्लाक क्षेत्र के तुलसीपुर गांव में चिकनपॉक्स यानि खसरे ने लगभग एक माह पहले दस्तक दी थी। समय पर रोग को लेकर जरूरी कदम न उठाए जाने से क्षेत्र में खसरे ने महामारी का रूप ले लिया है। आलम यह है कि तुलसीपुर गांव में करीब हर घर में एक व्यक्ति बीमारी से कराह रहा है। मंगलवार को गांव तुलसीपुर गांव में देवेन्द्र प्रताप(22), मयंक(4), गुलशन(1), निशा(18), कुनाल(6), मीरा(18), साधना(35), पारूल(3) सहित तकरीबन दो दर्जन से अधिक लोग बीमार दिखे।
प्रधान प्रतिनिधि आनन्द कुमार की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी दिबियापुर की संक्रामक रोग नियंत्रक टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल सीएमएस डा. सहूद अहमद, बीएचओ हिमांशू कुमार, गौरव कुमार, शिवेन्द्र सिंह चैहान, विनोद कनौजिया, अश्वनी कुमार, रामसिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ितों का इलाज शुरू किया।
टोने-टोटके भी नहीं आ रहे काम
औरैया। चिकनपॉक्स को पुराने बुजुर्ग बड़ी माता भी कहते हैं। उन्हीं की परंपरा के अनुसार इस रोग में दवा नहीं खाई जाने का अंधविश्वास है। ऐसे में गांव के लोग दवा से परहेज कर रहे हैं। छुआछूत के रोग के रूप में माने जाने वाली बड़ी माता को शांत करने के लिए पीड़ितों के तीमारदार टोने-टोटके भी करते देखे जा रहे हैं। लेकिन उनके टोने-टोटके आदि घरेलू इलाज भी रोगियों के काम नहीं आ रहे हैं।
इन गांवों में बजी खसरे की घंटी
औरैया। भीषण गर्मी और गंदगी के कारण फैलने वाले खसरे ने ब्लाक क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। क्षेत्र के पसईपुर व रामपुर की मडैया गांवों मे भी खसरा अपने पैर पसारते देखा जा रहा है। जल्द ही उक्त गांवों पर ध्यान न दिया गया तो यहां भी हालात बिगड़ सकते हैं।
तुलसीपुर गांव में खसरे की सूचना मिलते ही डाक्टरों की टीम को दवाइयों के साथ रवाना कर दिया गया है। पीड़ितों को दवाइयां उपलब्ध कराईं जा रही हैं। जल्द ही स्थिति को काबू में करने का प्रयास रहेगा।
डा. एसबी मिश्रा
सीएमओ