ग्राम चिचौली के समीप स्थित जिला अस्पताल के नए भवन से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने की एक बार फिर नए सिरे से कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को हवन-पूजन के बाद शनिवार को यहां ओपीडी लगी। जिला अस्पताल की ओपीडी की अमर उजाला ने पड़ताल की। यहां रोगियों को तो दूर, डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी सुविधाओं से कोसों दूर रहे। जिला अस्पताल के नए भवन को लेकर एक रिपोर्ट:
जिला अस्पताल के नए भवन में हो रहे फिनिशिंग काम के बीच प्रथम तल के एक कक्ष में ओपीडी संचालित हुई। इस कक्ष में एक मेज पर रखी कुछ दवाईयां और मेज की दूसरी तरफ एक लोहे के स्टूल पर डाक्टर बैठे मिले। जबकि फर्नीचर के अभाव में मौजूद फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्य कर्मी खड़े नजर आए।
आलम यह था कि एक मेज की ओपीडी में न तो काटन था और न ही बैंडेज पट्टी मुहैया कराई गई। चिचौली गांव के पहले मरीज रवींद्र कुमार को जांच के बाद दवाईयां दी गईं। यहां दोपहर 12 बजे तक चार व ओपीडी समय दोपहर दो बजे तक कुल 11 मरीजों को दवाएं दी गई।
ओपीडी के आधे-अधूरे इंतजाम के बाद नए भवन में कक्ष पड़ताल के दौरान सिर्फ धूल और गंदगी दिखाई दी। महिला ओपीडी सेक्शन में निर्माण सामग्री रखा हुआ था तो कक्षों में अधूरी बिजली फिटिंग के चलते तार लटकते नजर आए। पड़ताल के दौरान जिला अस्पताल का दौरा करने आए सीएमएस भी मौजूद अव्यवस्थाओं से असंतुष्ट दिखाई दिए।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए जिला अस्पताल के नए भवन से अत्याधुनिक मशीनें मौजूद है। कमी है सिर्फ इन मशीनों को संचालित करने वाले विशेषज्ञों की है। विशेषज्ञ डाक्टर और प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी के चलते यह मशीनें कमरे के एक कोने में पड़ी है।
जिला अस्पताल को शुरू कराने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। आगामी 10 जनवरी से जिला अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सेवाएं नए भवन से संचालित कराईं जाएंगी। एनके मिश्रा, सीएमएस