सहायल। क्षेत्र के लहरापुर रजवहा में पानी न आने से भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण किसानों की फसल सूखने की कगार पर खड़ी है। लगभग एक माह से रजबहा में पानी न छोड़े जाने की वजह से फसलों की सिंचाई रुकी है। किसानों डीएम और अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग से रजबहा में जल्द से जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है।
अरिंद नदी से ऊबटी रजबहा (बंबा) सहायल क्षेत्र में लहरापुर से होकर निकलता है। अरिंद नदी और ऊबटी रजबहा से क्षेत्र की हजारों एकड़ फसलों की सिंचाई होती हैं। रजबहा से सटे खेतों में सिंचाई का एक मात्र जरिया यही बंबा है। इस बार किसानों ने उर्द, मूंग व मक्का की फसल भी बोई है।
किसानों की माने तो एक माह से रजबहा सूखा पड़ा है। पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। लहलहाती फसलें सूखने की कगार पर खड़ी हैं। मक्का की फसल में दाना आना शुरू हो गया है। ऐसे में सिंचाई की जरूरत है। वहीं उर्द मूंग की फसलों में निकाई हो चुकी है। पानी मिलने के साथ ही जल्द ही बाली आनी शुरू हो जाएगी, लेकिन सब कुछ सिंचाई पर टिका है। रजबहा में पानी न छोड़े जाने को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी है। वहीं आसपास के क्षेत्रों में पशु पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
क्या बोले किसान
दाना आने से पहले ही फसल सूख रही
फोटो-25एयूआरपी 25- अनिल कुमार। संवाद
दिन में पड़ रही भीषण गर्मी से मिट्टी में नमी नहीं बची है। मक्का की फसल में दाना आने से पहले ही फसल सूख रही है। ऐसे में रजवहा के पानी से सिंचाई की जरूरत है। लेकिन पानी नहीं छोड़ा जा रहा।-अनिल कुमार, सहायल
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जल्द पानी छोड़ा जाए नहीं तो सूख जाएगी फसल
फोटो-25एयूआरपी 26- राधाकृष्ण। संवाद
उर्द व मूंग की फसल में निकाई हो चुकी है। ऐसे में सिंचाई होना जरूरी है। रजबहा में जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए। नहीं तो फसलें सूख जाएंगी।’-राधाकृष्ण, सारी
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बोले जिम्मेदार-
मई माह में रजबहा से रवी और खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा। फिलहाल ऊपर से ही पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
- पीएस पटेल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग