संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में विटामिन व थायराइड की जांचों को लेकर एक पखवाड़े पूर्व सीएमएस की ओर से शासन को पत्राचार करते हुए इसे शुरू कराने की मांग भेजी गई थी, लेकिन समय बीतने के साथ ही मामला ठंडे बस्ते में है।
संबंधित मामलों के आने वाले मरीजों को इन जांचों के लिए अभी भी प्राइवेट लैब का सहारा लेकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं अछल्दा में अस्पताल की पैथोलॉजी समय से न खुलने के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ा। इससे उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल की ओपीडी 350-400 मरीज आ रहे हैं। इसमें मौसमी बीमारी के साथ ही विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी संबंधी मरीज भी बहुतायत में आ रहे हैं। खास तौर पर हड्डी के मामले में विटामिन डी आदि की कमी से जूझ रहे बुजुर्ग मरीज। इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी से परेशान मरीजों को शरीर में होने वाली दिक्कतें शामिल हैं।
इनका उपचार व परामर्श बिना विटामिन की जांचों के संभव नहीं है। इसके साथ ही थायराइड ग्रसित संभावित मोटे व दुबले शरीर के लोग भी अस्पताल में जांच की सुविधा न होने से निजी पैथोलॉजी में जाकर जेब ढ़ीली करने को मजबूर हैं। निजी लैब में इन जांचों को कराने के लिए 500 से 700 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इससे एक ओर जहां निजी लैब संचालकों के वारे न्यारे हो रहे हैं। तो वहीं गरीब तबके के लोगों की जेब पर भार पड़ रहा है।
इन सब के बीच 50 शैया जिला अस्पताल में विटामिन व थायराइड की जांच का अभाव सीधे तौर पर मरीजों के लिए असुविधा का कारण बना है। मामले में सीएमएस डॉ. मंजू सचान की ओर से किए गए पत्राचार के बाद भी विटामिन संबंधी जांचे शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि अगले प्रयास के तहत रिमाइंडर भेजने की तैयारी है।
समय से नहीं खुलती अछल्दा सीएचसी की पैथोलॉजी
अछल्दा सीएचसी में भी मरीजों को जांचों की सुविधा समय से न मिलने से वह परेशान हैं। गुरुवार को अस्पताल में सुबह 10 बजे पहुंचने पर लैब पर ताला लटका मिला। तो वहीं काफी संख्या में मरीज जांच कराने के लिए इधर-उधर भटकते दिखे। मामला जब सीएचसी अधीक्षक डॉ.जितेंद्र कुमार के पास पहुंचा तो वह लैब टेक्निशियन को बचाते नजर आए। पूछने पर सीएचसी अधीक्षक बोले कि रोजाना समय से पैथोलॉजी खुलती है। आज टेक्निशियन के देर से आने से मरीजों को दिक्कत हुई। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने टेक्निशियन को समय से पैथोलॉजी खोलने व समय से मरीजों को रिपोर्ट देने को निर्देशित किया है।
बोले जिम्मेदार
जिला अस्पताल में थायराइड व विटामिन संबंधी जांचों का अभाव है। जिन्हें मरीजों के लिहाज से शुरू कराने के लिए एक बार पत्राचार किया जा चुका है। अब दोबारा से रिमाइंडर भेजकर मांग की जाएगी।
-डॉ. मंजू सचान, सीएमएस
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