बेला(औरैया)। कोरोना काल में शासन से आदेश हैं कि ग्राम पंचायत स्तर पर जागरुकता बढ़ाने के साथ प्रवासियों के लिए सरकारी स्कूलों में आइसोलेशन सेंटर बनाएं। लेकिन जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों पर ताला पड़ा है। गांवों में आइसोलेशन सेंटर नहीं बने हैं। नवनिर्वाचित प्रधानों में इसके प्रति कोई रुचि नहीं दिख रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के हालात और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं।
डीएम सुनील कुमार वर्मा ने कहा है कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना की जांच के इंतजाम किए जाएं। सैनिटाइजेशन कराया जाए, लेकिन अधिकतर सरकारी स्कूलों पर ताला पड़ा है। लगातार जिला प्रशासन निर्देश दे रहा है कि गांव में आइसोलेशन सेंटर बनाएं और प्रवासियों को आइसोलेट करने की व्यवस्था करें। लेकिन प्रधान इसके प्रति जागरूक नहीं हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
पिछले साल स्कूलों में डलवाए थे गद्दे
पिछले साल जिले के सरकारी स्कूलों को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया था। उनमें बेड, गद्दे डलवाए गए थे, लेकिन अब वह बेड, गद्दे कहां हैं, इसके बारे में लेखपाल राजबहादुर सिंह से पूछा तो बताया कि पिछले वर्ष कस्बेे में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में टेंट से गद्दे लेकर डलवाए गए थे। सेंटर पर एक भी प्रवासी नहीं रुका था। जिसके बाद ग्राम प्रधान द्वारा गद्दे वापस टेंट की दुकान पर भेज दिए गए थे।
वर्जन
जिले के सभी ग्राम प्रधानों से कहा है कि वह जरूरत के अनुसार सरकारी स्कूलों में आइसोलेशन सेंटर जरूर बनाएं। अपने गांव में कोरोना की जांच कराएं, ताकि कोरोना संक्रमितों का पता चल सके और उनका इलाज कराया जा सके।- सुनील कुमार वर्मा, डीएम