औरैया। उच्च न्यायालय से लाकडाउन-4 के लिए कोई दिशा-निर्देश न आने से जनपद न्यायालय में पुराने आदेश के अनुसार वीडियो कांफ्रेसिंग द्वारा जमानत व अग्रिम जमानत जैसे जरूरी न्यायिक कार्य हो रहे हैं। सोमवार को कुल 18 जमानत संबंधी प्रार्थना पत्रों में कुल 10 जमानत प्रार्थना पत्र निस्तारित किए गए व शेष आठ में अगली तारीख दी गई। कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए ऑनलाइन जमानत प्रार्थना पत्र लिए जा रहे हैं।
जनपद न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने थाना बिधूना क्षेत्र के सुंदरपुर निवासी भूरे उर्फ ज्ञान सिंह, अखिलेश, अनुराग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इन पर यह आरोप था कि उन्होंने पीड़ित विनोद उर्फ कल्लू को लाठी, कुल्हाड़ी एवं कांता से मारकर गंभीर रूप से चोटिल किया। पुलिस से बचने के लिए तीन ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किये, लेकिन जिला जज डा. दीपक स्वरूप सक्सेना ने मामला गंभीर प्रकृति का मानते हुए उसे निरस्त कर दिया। इसी तरह अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) कल्पना ने थाना ऐरवाकटरा के एक मामले में आजाद नगर मैनपुरी निवासी सुखवीर उर्फ सीटू की जमानत याचिका खारिज कर दी। उस पर एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर प्रकृति का अपराध कारित करने का आरोप है। समझा जा रहा हैै कि अगर कोई कोर्ट से कोई अग्रिम आदेश नहीं आया तो 31 मई तक अर्जेट वर्क (जमानत व अंतरिम जमानत) प्रार्थना पत्रों की सुनवाई ही होगी। शेष मुकदमे नहीं सुने जाएंगे।