संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जिले में केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में 446 स्थान पर बने सामुदायिक शौचालय कागजों में संचालित हो रहे हैं। हकीकत यह है कि इनमें न तो बिजली है न पानी। कुछ जगहों पर ग्रामीणों के कब्जे हैं। बावजूद इसके केयर टेकर तैनात कर मानदेय निकाला जा रहा है।
वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 477 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाने की योजना लागू की गई। इस योजना के तहत अब तक विभागीय आंकड़ों में 446 गांवों में करीब 28.99 करोड़ रुपये खर्च कर इनके संचालन का दावा किया जा रहा है। मगर हकीकत इससे विपरीत है। इधर सहार ब्लॉक के एक व्यक्ति ने इनके संचालन पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। जिसमें बताया है कि सामुदायिक शौचालयों में बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद भी केयर टेकर तैनात कर सरकारी धन का बंटाधार किया जा रहा है।
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फोटो-9-सावलिया सामुदायिक शौचालय में भरे गोबर के उपले। संवाद
सामुदायिक शौचालय को बना दिया स्टोर रूम
केस-1
बिधूना ब्लाॅक की ग्राम पंचायत सावलिया में वर्ष 2020-21 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। तकरीबन पांच लाख 75 हजार रुपये की लागत से बने इस शौचालय में गोबर के उपले व आलू भरे हुए हैं। घरेलू स्टोर रूम की तरह ग्रामीण शौचालय को प्रयोग में लाया जा रहा है। बिजली कनेक्शन न होने से इसे प्रयोग में नहीं लाया जा सका है। निर्माण के बाद यहां केयरटेकर की नियुक्ति भी की जा चुकी है।
निर्माण के बाद से सामुदायिक शौचालय पर लगा है ताला
केस-2
बिधूना ब्लाॅक की बंथरा पंचायत में वर्ष 2020 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। जिसके बाद से यहां ताला जड़ा हुआ है। केयर टेकर की नियुक्ति तो हो चुकी है, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है। अभी तक शौचालय को जरूरतमंदों के प्रयोग के लिए नहीं खोला जा सका है।
तीन वर्ष निर्माण अधूरा, केयर टेकर की तैनाती
केस-3
अछल्दा ब्लाक की ग्राम पंचायत शिवपुर के मजरा पुर्वा कमलसिंह में वर्ष 2020 में शौचालय का निर्माण शुरू कराया गया। पांच लाख 65 हजार रुपये की धनराशि खपा दी गई। न टैंक बना और न ही सीटें रखी जा सकी हैं। बिजली कनेक्शन भी नहीं हुआ है। केयरटेकर की नियुक्ति कर दी गई है। ग्राम प्रधान वीर बहादुर सिंह ने बताया कि निर्माण पूरा कराने में दो लाख पांच हजार रुपये तक का खर्चा आएगा। ग्राम निधि में इतना धन भी नहीं है। पूर्व प्रधान व सचिव की ओर से जरूरी कागजात भी मुहैया नहीं कराए गए हैं।
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निर्माण अधूरा, बिजली कनेक्शन भी नहीं और केयरटेकर तैनात
केस-4
बिधूना ब्लाॅक की बराहार ग्राम पंचायत में वर्ष 2020 में पांच लाख 75 हजार रुपये की अनुमानित लागत से शौचालय का निर्माण शुरू हुआ। जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। न टैंक बना है और न ही पानी की टंकी को लेकर पाइप फिटिंग हुई है। ग्रामीणों ने मवेशी बांधकर कब्जा कर लिया है। बिजली कनेक्शन भी नहीं है। केयरटेकर की नियुक्ति कर दी गई है। बिधूना एडीओ पंचायत प्रवीन वर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केयर टेकर को मिले नौ हजार
पंचायती राज विभाग की ओर से सामुदायिक शौचालय में नौ हजार रुपये मानदेय पर केयर टेकर रखने के निर्देश थे। इस पर ग्राम पंचायत स्तर पर इन्हें रखा गया। इसमें छह हजार रुपये केयर टेकर को व तीन हजार रुपये रखरखाव के दिए जाते हैं। रखरखाव की धनराशि में शौचालयों को साफ सफाई व अन्य खामियां दुरुस्त करानी होती हैं।
बिजली कनेक्शन व अधूरे निर्माण को लेकर शौचालयों को जांचा जाएगा। सामने आने वाले मामलों की जांच कराई जाएगी। शासन की मंशा के तहत सभी शौचालयों को दुरुस्त कराया जाएगा। हर जरूरी इंतजाम पुख्ता किए जाएंगे।
- कामिनी गौतम, जिला पंचायत राज अधिकारी