फोटो-42- एप से बच्चे का मूल्यांकन करते डीएलएड प्रशिक्षु। स्रोत:कर्मी
औरैया। निपुण भारत मिशन के तहत मंगलवार को जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 114 बच्चों का निपुण असेसमेंट टेस्ट कराया गया।
डायट के प्रशिक्षुओं की टीमों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर कक्षा एक व दो के बच्चों का निपुण एप के जरिये आकलन किया। इसमें नेटवर्क ने काफी दिक्कत दी। इस दौरान डाइट प्राचार्य जीएस राजपूत ने टीम के साथ स्कूलों का निरीक्षण भी किया।
आकलन के दौरान कुछ स्कूलों में एप संचालन से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आईं, जिन्हें बीएसए कार्यालय व डाइट में स्थापित कंट्रोल रूम से समाधान कराया गया। कंट्रोल रूम में डाइट प्रवक्ता विनय कश्यप व डीसी प्रशिक्षण सौरव गुप्ता ने तकनीकी मदद दी। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि निपुण असेसमेंट टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह 12 फरवरी तक चलेगी।
बच्चों को हिंदी व गणित में दक्ष बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसी उद्देश्य से निपुण असेसमेंट सर्वे कराया जा रहा है, ताकि विद्यालयों में किए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और पारदर्शिता के साथ मूल्यांकन हो सके।
डायट द्वारा इस कार्य के लिए 72 टीमें गठित की गई थीं। प्रत्येक टीम में दो प्रशिक्षणार्थी शामिल रहे। एक दिन में प्रत्येक टीम को दो विद्यालयों में निपुण आकलन सर्वे करने का लक्ष्य था। मंगलवार को 114 बच्चों का असेसमेंट किया गया।