औरैया। मेडिकल कॉलेज को जाने वाली सड़क के किनारे लगे 600 मीटर मेटल क्रैश बैरियर (लोहा) चोरी करने वाले नौ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस व स्वॉट टीम ने शनिवार को कानपुर के परमपुरवा जुही स्थित फैक्टरी से उन्हें माल समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह घटना से पहले स्पोर्ट्स बाइक से रेकी करते थे। 16 जुलाई की रात घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पकड़े गए आरोपी कानपुर देहात व उरई के हैं।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी अभिजीत आर शंकर ने रविवार को बताया कि लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 16 जुलाई की रात चोरों ने गांव समाधान पुर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज जाने वाली सड़क के किनारे लगे 600 मीटर मेटल क्रैश बैरियर पार कर दिए।
इसकी कीमत साढ़े आठ लाख रुपये के करीब है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो कुछ आरोपियों की पहचान हुई। जिसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायन त्रिपाठी व स्वॉट टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
उन्होंने बताया कि शनिवार शाम कानपुर में परमपुरवा जुही स्थित एक फैक्टरी में टीम ने दबिश दी। इस दौरान मौके से कानपुर देहात थाना गजनेर के गांव जलालपुर नागिन निवासी विनोद कुमार सोनकर उर्फ वीके को पकड़ा। इसके अलावा विशाल संखवार, मनीष कुमार, अभिषेक संखवार, प्रदीप कुमार उर्फ छोटू, अकबरपुर कोतवाली के गांव अमीरे पुर्वा निवासी निजामुद्दीन मैसूरी उर्फ रमजान को पकड़ा गया।
वहीं से अकबरपुर कोतवाली के गांव नबीपुर निवासी शिवा पाल, गजनेर के गांव सरवनखेड़ा निवासी रिषभ सोनकर, नीशू सोनकर को भी गिरफ्तार किया गया। मौके से 65 मेटल क्रैश बैरियर व उसके 380 टुकड़े बरामद किए गए।
आरोपियों के पास से स्पोर्ट्स बाइक, बिना नंबर की स्कूटी और डीसीएम भी मिली है। पूछताछ में आरोपियों ने अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
विनोद उर्फ वीके ने बनाई थी चोरी की योजना
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि बरामद किया गया ट्रक आरोपी निजामुददीन का है। उसने पुलिस को बताया कि चोरी का प्लान विनोद उर्फ वीके ने बनाया था। साथी विनोद व रिषभ ने स्कूटी व स्पोर्ट्स बाइक से रेकी की थी। काम के हिसाब में आपस में रुपये बांटने की योजना थी।
आरोपियों ने पूछताछ में इससे पहले उरई में भी वारदात किए जाने की बात कबूल की है। जहां उरई के गांव नगला चमीरा क्रॉसिंग के पास 40 किमी. के दायरे में लगे मेटल क्रैश बैरियर को अगल-अलग समय पर पार किया गया। चोरी किए हुए माल को फैक्टरी में ले जाकर बिक्री करते थे।
बदले में मिले रुपये को आपस में बांट लेते थे, लेकिन इस बार पहले ही पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को धर दबोचा। हालांकि इस चोरी के माल को खरीदने वाला आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। इसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।