ककोर (औरैया)। मौसम बदलते में वायरल बुखार व मलेरिया के साथ अब डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में कराई गई जांच में ककोर की मां-बेटी में डेंगू के लक्षण मिले हैं।
इनके अलावा कई अन्य मरीज भी पॉजिटिव पाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में नौ मरीज डेंगू से ग्रसित हैं। जिले में बुखार का प्रकोप बना हुआ है। घर- घर में वायरल व मलेरिया बुखार के मरीज मिल रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है। अब डेंगू ने भी ककोर क्षेत्र में पैर पसारना शुरू कर दिया है।
ककोर में रहने वाली देवेंद्री देवी को कई दिनों से बुखार आ रहा था। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। देवेंद्री वहां भर्ती हैं। इसके बाद उनके पति चंद्रप्रकाश को बुखार आया, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी बीच उनकी बेटी शालू (18) को बुखार आने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल में जांच कराई गई तो उसे भी डेंगू निकला। हालांकि उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। इसी तरह गांव के सुनील, पत्नी ज्योति देवी व पुत्री नैंसी (10), यशराज (16), अंशुल त्रिपाठी (18) व सौमित्र त्रिपाठी (15) भी डेंगू की चपेट में हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व ग्राम पंचायत ने फाॅगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव की कमी से स्थिति और गंभीर हो गई है। उधर, मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ.पवन शर्मा ने बताया कि डेंगू के मरीज अधिकतर एनएसआई एंट्री स्टेज व आईजीएम के आ रहे हैं, जो गंभीर मरीज हैं, उनके लिए 8 बेड का एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां उनकी पूरी तरह मॉनिटरिंग की जा रही है।
डेंगू की पुष्टि के बाद भी सफाई नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जहां भी मलेरिया और डेंगू के मरीज मिलते हैं। वहां पर विभाग सफाई कराता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जाता है, लेकिन ककोर में अभी तक ऐसा नहीं हो रहा है।